रिपोर्ट: कबीर | मुजफ्फरनगर
लगातार बारिश के बीच हुआ दर्दनाक हादसा
मुजफ्फरनगर। जनपद के फुगाना थाना क्षेत्र स्थित गांव हबीबपुर में लगातार हो रही बारिश के बीच सोमवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। बारिश के कारण एक कच्चा मकान अचानक ढह गया, जिसके मलबे में एक ही परिवार के सात सदस्य दब गए। राहत एवं बचाव अभियान के बाद सभी को बाहर निकाला गया, लेकिन इस हादसे में परिवार के पांच सदस्यों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हैं और उनका उपचार जारी है।
कुछ ही सेकंड में मलबे में तब्दील हुआ मकान
जानकारी के अनुसार, हबीबपुर निवासी इस्लामुद्दीन मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। लगातार बारिश के चलते उनका कच्चा मकान कमजोर हो गया था। सोमवार को अचानक मकान भरभराकर गिर पड़ा। हादसे के समय परिवार के सभी सदस्य घर के भीतर मौजूद थे, जिससे उन्हें बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका।
मकान गिरने की आवाज और लोगों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तुरंत राहत कार्य शुरू किया।
पुलिस और प्रशासन ने चलाया राहत अभियान
घटना की सूचना मिलते ही फुगाना थाना पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी और राहत एवं बचाव दल मौके पर पहुंच गए। स्थानीय लोगों और जेसीबी मशीनों की मदद से कई घंटे तक मलबा हटाने का कार्य चला।
रेस्क्यू अभियान के दौरान मलबे में दबे सात लोगों को बाहर निकाला गया। इनमें से पांच लोगों की मृत्यु हो चुकी थी, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल मिले।
हादसे में पांच लोगों की गई जान
इस हादसे में परिवार के मुखिया इस्लामुद्दीन, उनके दो बेटे जीशान और आहद, तथा दो बेटियां अलशीफा और रुक्सार की मृत्यु हो गई।
वहीं परिवार के दो अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल हुए, जिन्हें पहले जिला अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर कर दिया, जहां उनका इलाज जारी है।
वरिष्ठ अधिकारियों ने किया घटनास्थल का निरीक्षण
घटना की जानकारी मिलने पर सहारनपुर मंडल के आयुक्त रूपेश राय, जिलाधिकारी उमेश मिश्रा, डीआईजी अभिषेक सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय वर्मा घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने राहत एवं बचाव कार्यों का निरीक्षण किया और पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
अधिकारियों ने घायलों के समुचित उपचार तथा प्रभावित परिवार को आवश्यक सरकारी सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
आर्थिक सहायता का ऐलान
प्रशासन के अनुसार, मुख्यमंत्री राहत कोष से मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही गंभीर रूप से घायल दोनों व्यक्तियों के इलाज का पूरा खर्च प्रशासन द्वारा वहन किए जाने की बात कही गई है।
जिलाधिकारी ने राहत एवं पुनर्वास से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए।
गांव में पसरा मातम
इस हादसे के बाद पूरे हबीबपुर गांव में शोक का माहौल है। जिस घर में कुछ समय पहले तक परिवार एक साथ रह रहा था, वहां अब केवल मलबा और सन्नाटा रह गया है। अंतिम दर्शन के दौरान परिजनों और ग्रामीणों की आंखें नम दिखाई दीं।
जर्जर मकानों की सुरक्षा पर उठे सवाल
यह हादसा लगातार बारिश के दौरान जर्जर और कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों की सुरक्षा को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। स्थानीय लोगों का मानना है कि ऐसे मकानों का समय रहते सर्वेक्षण कर आवश्यक सुरक्षा उपाय किए जाएं और जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराया जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की आशंका कम हो सके।
निष्कर्ष
हबीबपुर में कच्चा मकान ढहने की यह घटना पूरे क्षेत्र को झकझोर देने वाली है। एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत और दो लोगों के गंभीर रूप से घायल होने से गांव में गहरा शोक व्याप्त है। राहत एवं पुनर्वास की प्रक्रिया जारी है, जबकि प्रशासन मामले की निगरानी कर प्रभावित परिवार को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की बात कह रहा है। यह हादसा आपदा के समय कमजोर आवासों की सुरक्षा और समय रहते एहतियाती कदम उठाने की आवश्यकता को भी रेखांकित करता है।
