रिपोर्ट: कबीर, मुजफ्फरनगर
शुकतीर्थ में जलभराव को लेकर विरोध प्रदर्शन
मुजफ्फरनगर की पौराणिक तीर्थ नगरी शुकतीर्थ में जलभराव की समस्या से नाराज साधु-संतों ने शुक्रवार को प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने से मुख्य सड़कें तालाब में तब्दील हो गई हैं और आश्रमों के बाहर गंदा पानी जमा है।
आश्रमों के बाहर गंदा पानी, श्रद्धालुओं को परेशानी
साधु-संतों के अनुसार हनुमंतधाम आश्रम, मानव चेतना केंद्र और आसपास के क्षेत्रों में जलभराव के कारण श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गंदे पानी से दुर्गंध फैल रही है और संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।
प्रशासन पर लापरवाही का आरोप
मां पूर्णागिरि आश्रम के महंत महामंडलेश्वर स्वामी गोपालदास महाराज ने आरोप लगाया कि विकास के दावों के बावजूद जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं की गई है। उन्होंने स्वच्छता कार्यों में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
वहीं, मानव चेतना केंद्र के संस्थापक स्वामी ब्रह्मस्वरूपानंद महाराज ने कहा कि जलभराव से सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं और श्रद्धालुओं के वाहन पानी में फंस जाते हैं। वृद्ध श्रद्धालुओं को भी कीचड़ और गंदे पानी के कारण परेशानी झेलनी पड़ रही है।
एसडीएम ने किया निरीक्षण
सूचना मिलने पर उपजिलाधिकारी (एसडीएम) रश्मि लांबा मौके पर पहुंचीं और क्षेत्र का निरीक्षण किया। साधु-संतों ने उन्हें बताया कि नालियों की नियमित सफाई नहीं होने और उनके चोक होने से पानी सड़कों पर भर रहा है। साथ ही गौशाला का गोबर भी पानी में बहाए जाने की शिकायत की गई।
नालियों की सफाई के निर्देश
निरीक्षण के बाद एसडीएम ने संबंधित अधिकारियों को नालियों और नालों की तत्काल सफाई कर जलभराव की समस्या दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने जल्द समाधान का आश्वासन भी दिया।
निष्कर्ष
शुकतीर्थ में जलभराव की समस्या को लेकर साधु-संतों ने प्रदर्शन कर स्थायी समाधान की मांग की है। प्रशासन ने मौके का निरीक्षण कर जल निकासी व्यवस्था सुधारने और नालियों की सफाई के निर्देश जारी किए हैं।
