रिपोर्टर : संवाददाता
एटा जिले में संचालित होटल, गेस्ट हाउस और रिसॉर्टों की वैधता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय स्तर पर विभिन्न प्रतिष्ठानों में सुरक्षा मानकों और आवश्यक अनुमतियों के पालन की जांच कराने की मांग की जा रही है। नागरिकों का कहना है कि सार्वजनिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए संबंधित विभागों को संयुक्त रूप से निरीक्षण अभियान चलाना चाहिए।
मांग करने वालों का कहना है कि जिले में संचालित होटल, गेस्ट हाउस और रिसॉर्टों के पास अग्निशमन विभाग की अनापत्ति प्रमाण पत्र (फायर एनओसी), भवन निर्माण संबंधी स्वीकृतियां, भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) का लाइसेंस तथा पर्यटन विभाग का पंजीकरण सहित अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जांच की जानी चाहिए। इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि सभी प्रतिष्ठान निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन कर रहे हैं या नहीं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि किसी प्रतिष्ठान में नियमों की अनदेखी की जा रही है, तो उससे वहां ठहरने वाले यात्रियों और आम नागरिकों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। इसलिए समय-समय पर निरीक्षण और दस्तावेजों का सत्यापन आवश्यक है, ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना या अनियमितता से बचा जा सके।
नागरिकों ने संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से आग्रह किया है कि होटल, गेस्ट हाउस और रिसॉर्टों का संयुक्त निरीक्षण कराया जाए। यदि जांच के दौरान किसी प्रतिष्ठान में आवश्यक अनुमति, लाइसेंस या सुरक्षा मानकों में कमी पाई जाती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए और कमियों को दूर कराने के निर्देश दिए जाएं।
विशेषज्ञों का भी मानना है कि नियमित निरीक्षण से न केवल नियमों का बेहतर अनुपालन सुनिश्चित होता है, बल्कि पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र में पारदर्शिता तथा यात्रियों का भरोसा भी बढ़ता है। सुरक्षा संबंधी मानकों का पालन किसी भी होटल या गेस्ट हाउस के संचालन का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।
फिलहाल इस संबंध में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि नागरिकों की ओर से उठाई गई मांग के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित विभाग संयुक्त जांच अभियान चलाते हैं या नहीं। यदि जांच होती है, तो उसके आधार पर आगे की प्रशासनिक कार्रवाई तय की जाएगी।
