रिपोर्टर: कबीर
मुजफ्फरनगर में सदस्यता अभियान के दौरान भाजपा पर साधा निशाना
मुजफ्फरनगर में समाजवादी पार्टी के सदस्यता अभियान के दौरान पार्टी के सांसद हरेंद्र मलिक ने भारतीय जनता पार्टी और केंद्र सरकार पर कई राजनीतिक आरोप लगाए। उन्होंने राम मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था, मंदिर ट्रस्ट और केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि वर्तमान व्यवस्था में सुरक्षा और जवाबदेही को लेकर गंभीर चिंताएं सामने आ रही हैं।
सांसद ने अपने संबोधन में कहा कि भाजपा ने राम मंदिर के मुद्दे को प्रमुख राजनीतिक विषय बनाया था, इसलिए उससे जुड़े किसी भी विवाद या घटना पर सरकार की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
राम मंदिर और ट्रस्ट को लेकर उठाए सवाल
हरेंद्र मलिक ने कहा कि भाजपा यह दावा करती रही है कि उसने राम मंदिर निर्माण का कार्य पूरा कराया, लेकिन यदि मंदिर से जुड़े मामलों पर सवाल उठ रहे हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस ट्रस्ट और समिति की जिम्मेदारी शीर्ष स्तर तक जाती है, उसके कार्यों में पारदर्शिता बनी रहनी चाहिए।
उन्होंने अपने भाषण में रामराज्य का उल्लेख करते हुए कहा कि आदर्श शासन व्यवस्था में जनता स्वयं को सुरक्षित महसूस करती है। उनके अनुसार वर्तमान परिस्थितियों में कई मुद्दों पर सरकार को जवाब देना चाहिए।
सरकार की कार्यप्रणाली पर जताई आपत्ति
सपा सांसद ने अपने संबोधन में सरकार की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कुछ मामलों में आर्थिक और प्रशासनिक पारदर्शिता को लेकर जनता के मन में प्रश्न हैं और इनका स्पष्ट उत्तर मिलना चाहिए।
उन्होंने एक आईपीएस अधिकारी द्वारा रामचरितमानस भेंट किए जाने का उल्लेख करते हुए भी सरकार की कार्यप्रणाली पर टिप्पणी की। हालांकि, उनके द्वारा लगाए गए आरोपों के समर्थन में कार्यक्रम के दौरान कोई स्वतंत्र साक्ष्य सार्वजनिक नहीं किया गया।
राजनीतिक आरोप भी लगाए
अपने संबोधन में हरेंद्र मलिक ने आरोप लगाया कि भाजपा ने पहले विधायकों और फिर सांसदों को अपने पक्ष में करने का प्रयास किया। उन्होंने यह भी आशंका व्यक्त की कि कुछ मामलों में राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल किया गया हो सकता है।
हालांकि, इन आरोपों के संबंध में उन्होंने कोई दस्तावेजी प्रमाण या आधिकारिक साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया। इन दावों पर भाजपा की ओर से इस कार्यक्रम के संदर्भ में तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।
कई नेताओं ने थामा समाजवादी पार्टी का दामन
कार्यक्रम के दौरान लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के मुजफ्फरनगर और सहारनपुर मंडल के कई पदाधिकारी एवं पूर्व पदाधिकारी समाजवादी पार्टी में शामिल हुए। पार्टी नेताओं ने उनका स्वागत करते हुए कहा कि वे समाजवादी पार्टी की नीतियों, सामाजिक न्याय और विकास की विचारधारा से प्रभावित होकर पार्टी में शामिल हुए हैं।
इस अवसर पर मुजस्सिम हुसैन, डॉ. रघुवीर सिंह, डॉ. चंद्र प्रकाश, सुनील कुमार, रविंद्र कुमार, कैलाश चंद, सैयद खालिद, नवाब मलिक, सच्चानंद, पवन कुमार सैनी और संजीव कुमार सहित कई नेताओं ने सदस्यता ग्रहण की। कार्यक्रम में सांसद हरेंद्र मलिक सहित पार्टी के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
जिलाध्यक्ष ने गुटबाजी की खबरों का किया खंडन
समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष जिया चौधरी ने पार्टी में इस्तीफों और गुटबाजी की खबरों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि किसी भी पदाधिकारी का कोई आधिकारिक इस्तीफा नहीं हुआ है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि मीडिया प्रभारी कोई संवैधानिक पद नहीं होता और उसका निर्णय संगठन स्तर पर लिया जाता है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की कि यदि किसी को कोई शिकायत है तो उसे सार्वजनिक मंचों के बजाय पार्टी नेतृत्व के समक्ष रखा जाए।
निष्कर्ष
मुजफ्फरनगर में आयोजित समाजवादी पार्टी के सदस्यता अभियान के दौरान सपा सांसद हरेंद्र मलिक ने भाजपा, केंद्र सरकार और राम मंदिर ट्रस्ट को लेकर कई राजनीतिक आरोप लगाए। वहीं कार्यक्रम में अन्य दलों के कई नेताओं ने समाजवादी पार्टी की सदस्यता भी ग्रहण की।
फिलहाल सांसद द्वारा लगाए गए आरोप राजनीतिक बयान के रूप में सामने आए हैं। इन आरोपों पर संबंधित पक्ष की विस्तृत प्रतिक्रिया आना बाकी है। ऐसे मामलों में अंतिम निष्कर्ष संबंधित तथ्यों, आधिकारिक जांच और सभी पक्षों के वक्तव्यों के आधार पर ही निकाला जा सकता है।
