रिपोर्टर: कबीर, मुजफ्फरनगर
गांधी कॉलोनी में निरीक्षण करने पहुंचे नगर मजिस्ट्रेट
मुजफ्फरनगर में आवासीय क्षेत्रों में संचालित हो रहे कोचिंग सेंटरों को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। गांधी कॉलोनी में रिहायशी भवनों में कोचिंग सेंटर संचालित किए जाने की शिकायत मिलने पर शुक्रवार को नगर मजिस्ट्रेट पंकज प्रकाश राठौर ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित लोगों को नियमों का पालन करने के निर्देश दिए और स्पष्ट किया कि आवासीय क्षेत्रों में नियमों के विपरीत कोचिंग सेंटर संचालित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
सुरक्षा मानकों से समझौता नहीं
नगर मजिस्ट्रेट ने कहा कि रिहायशी भवनों में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की आवाजाही और भीड़ एकत्र होने से आपातकालीन स्थिति में दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे मामलों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है और इस संबंध में सभी आवश्यक नियमों का पालन कराया जाएगा।
नियमों के उल्लंघन पर होगी कार्रवाई
नगर मजिस्ट्रेट ने चेतावनी दी कि यदि आवासीय क्षेत्रों में नियमों के विरुद्ध कोचिंग सेंटर संचालित पाए गए तो संबंधित संचालकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि सभी कोचिंग संस्थानों को निर्धारित मानकों और नियमों के अनुरूप ही संचालन करना होगा।
अभिभावकों से भी की अपील
नगर मजिस्ट्रेट ने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों के लिए कोचिंग सेंटर का चयन करते समय केवल पढ़ाई की गुणवत्ता ही नहीं, बल्कि भवन की सुरक्षा व्यवस्था, अग्निशमन उपकरण, आपातकालीन निकास और अन्य सुरक्षा सुविधाओं की भी जांच अवश्य करें।
उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
प्रशासन रखेगा लगातार निगरानी
प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि शहर में कोचिंग संस्थानों की जांच आगे भी जारी रहेगी। जिन संस्थानों में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जाएगा या जो नियमों के विपरीत संचालित पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
निष्कर्ष
मुजफ्फरनगर प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि विद्यार्थियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। आवासीय क्षेत्रों में नियमों के विपरीत संचालित कोचिंग सेंटरों पर निगरानी बढ़ा दी गई है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही अभिभावकों से भी सुरक्षित और मानक सुविधाओं वाले संस्थानों का चयन करने की अपील की गई है।
