Homeउत्तर प्रदेशमुजफ्फरनगर के कंबोज हॉस्पिटल में ऑपरेशन के बाद मरीज की हालत बिगड़ने...

मुजफ्फरनगर के कंबोज हॉस्पिटल में ऑपरेशन के बाद मरीज की हालत बिगड़ने के आरोप पर हंगामा, पुलिस ने कराया मामला शांत

रिपोर्टर: कबीर, मुजफ्फरनगर

मरीज की तबीयत बिगड़ने के आरोप पर अस्पताल में हंगामा

मुजफ्फरनगर के शांतिनगर स्थित कंबोज हॉस्पिटल में पित्त की थैली (गॉलब्लैडर) के ऑपरेशन के बाद मरीज की तबीयत बिगड़ने के आरोप को लेकर गुरुवार को परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा किया। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया।

सूचना मिलने पर नई मंडी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराया।

ऑपरेशन के बाद लगातार बनी रही परेशानी

जानकारी के अनुसार, सहारनपुर जनपद के देवबंद थाना क्षेत्र के ग्राम अमरपुर गढ़ी निवासी अमरदीप का 15 जनवरी को कंबोज हॉस्पिटल में लेप्रोस्कोपिक विधि से गॉलब्लैडर का ऑपरेशन किया गया था।

परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद भी मरीज का दर्द कम नहीं हुआ और उसकी तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई। उनका कहना है कि कई बार अस्पताल आने के बावजूद अपेक्षित राहत नहीं मिली, जिसके बाद मरीज को गंभीर स्थिति में एम्स ऋषिकेश रेफर करना पड़ा।

परिजनों ने लगाए लापरवाही के आरोप

मरीज की पत्नी संजो और अन्य परिजनों का आरोप है कि यदि समय पर उचित उपचार मिलता तो मरीज की हालत इतनी गंभीर नहीं होती। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।

परिजनों का कहना है कि इस घटना के कारण परिवार आर्थिक और मानसिक कठिनाइयों का सामना कर रहा है।

अस्पताल प्रबंधन ने आरोपों से किया इनकार

दूसरी ओर, कंबोज हॉस्पिटल के संचालक डॉ. पी.के. कंबोज ने परिजनों के सभी आरोपों को खारिज किया है।

उनका कहना है कि गॉलब्लैडर का ऑपरेशन सफलतापूर्वक किया गया था। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन के बाद दर्द की शिकायत होने पर मरीज को उच्च चिकित्सा संस्थान भेजा गया, जहां जांच में पित्त की नली (बाइल डक्ट) में गांठ पाई गई। उनके अनुसार चिकित्सकों ने उस गांठ में कैंसर की आशंका भी व्यक्त की है और उसका उपचार सुपर स्पेशियलिटी संस्थान में ही संभव है।

डॉ. कंबोज का कहना है कि मरीज की वर्तमान बीमारी का ऑपरेशन से कोई संबंध नहीं है।

पुलिस ने कराया मामला शांत

अस्पताल में हंगामे की सूचना मिलने पर नई मंडी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों पक्षों से बातचीत कर स्थिति को नियंत्रित किया और शांति बनाए रखने की अपील की।

एम्स ऋषिकेश में जारी है उपचार

फिलहाल मरीज का उपचार एम्स ऋषिकेश में चल रहा है। एक ओर परिजन इलाज में लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं, जबकि दूसरी ओर अस्पताल प्रबंधन इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बता रहा है।

जांच के बाद ही होगी स्थिति स्पष्ट

मामले में दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे सामने आए हैं। ऐसे में चिकित्सकीय अभिलेखों, विशेषज्ञों की राय और यदि कोई आधिकारिक जांच होती है, उसके निष्कर्ष के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मरीज की स्थिति बिगड़ने के वास्तविक कारण क्या थे और लगाए गए आरोप कितने सही हैं।

निष्कर्ष

मुजफ्फरनगर के कंबोज हॉस्पिटल से जुड़ा यह मामला फिलहाल विवाद का विषय बना हुआ है। परिजनों ने अस्पताल पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें खारिज किया है। मामले में अभी किसी जांच एजेंसी की अंतिम रिपोर्ट सामने नहीं आई है, इसलिए तथ्यों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments