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मुजफ्फरनगर में अंतरराष्ट्रीय प्लास्टिक बैग मुक्त दिवस पर जागरूकता कार्यशाला, कपड़े और जूट के थैले अपनाने का लिया संकल्प

रिपोर्टर: कबीर, मुजफ्फरनगर

अंतरराष्ट्रीय प्लास्टिक बैग मुक्त दिवस के अवसर पर मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना स्थित बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय के सभागार में जनजागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में लोगों से सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग छोड़कर कपड़े, जूट और पेपर बैग अपनाने की अपील की गई।

वक्ताओं ने कहा कि प्लास्टिक बैग का बढ़ता उपयोग पर्यावरण, जल स्रोतों और वन्यजीवों के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। इससे बचाव के लिए जनभागीदारी और जागरूकता बेहद आवश्यक है।

प्रशासन के निर्देशन में हुआ आयोजन

कार्यशाला का आयोजन जिलाधिकारी उमेश मिश्रा, मुख्य विकास अधिकारी कण्डारकर कमल किशोर देशभूषण के निर्देशन तथा सामाजिक वानिकी प्रभाग के प्रभागीय निदेशक अभिनव राज के मार्गदर्शन में किया गया।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. राजीव कुमार ने किया। उन्होंने जिला समन्वयक रिया सिंह और बाल विकास परियोजना अधिकारी सुमन तोमर का स्वागत करते हुए पर्यावरण संरक्षण में प्रत्येक नागरिक की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला।

प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का हुआ आयोजन

कार्यक्रम के दौरान “प्लास्टिक का थैला, पर्यावरण करे मैला” विषय पर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने उत्साह के साथ भाग लिया।

प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली श्रीमती रश्मि को सम्मानित किया गया। आयोजन का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और लोगों को व्यवहारिक बदलाव के लिए प्रेरित करना था।

प्लास्टिक के दुष्प्रभावों पर हुई चर्चा

कार्यशाला में विशेषज्ञों ने सिंगल यूज प्लास्टिक से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान, जलवायु परिवर्तन पर उसके प्रभाव तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की आवश्यकता पर विस्तार से जानकारी दी।

वक्ताओं ने कहा कि यदि लोग नियमित रूप से कपड़े और जूट के थैलों का उपयोग करें तो प्लास्टिक प्रदूषण को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इससे नदियों, जंगलों और वन्यजीवों के संरक्षण में भी सकारात्मक योगदान मिलेगा।

सिंगल यूज प्लास्टिक छोड़ने का आह्वान

बाल विकास परियोजना अधिकारी ने उपस्थित सभी लोगों से अपील की कि वे अपने दैनिक जीवन में सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग पूरी तरह बंद करने का संकल्प लें और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करें।

उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने लिया संकल्प

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और पर्यावरण संरक्षण के लिए प्लास्टिक के स्थान पर कपड़े एवं जूट के थैलों का उपयोग करने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम को सफल बनाने में सुपरवाइजर शिवानी और दीपा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

निष्कर्ष

मुजफ्फरनगर में अंतरराष्ट्रीय प्लास्टिक बैग मुक्त दिवस पर आयोजित यह जागरूकता कार्यक्रम लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रेरित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल रहा। कार्यक्रम के माध्यम से सिंगल यूज प्लास्टिक के दुष्प्रभावों की जानकारी दी गई और पर्यावरण अनुकूल विकल्प अपनाने का संदेश दिया गया, ताकि स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण की दिशा में सामूहिक प्रयासों को बल मिल सके।

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