रिपोर्ट: संदीप वर्मा
संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का किया निरीक्षण
मानसून के दौरान संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए उत्तर प्रदेश के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने गुरुवार को बाराबंकी जिले की रामनगर तहसील के अंतर्गत सूरतगंज विकासखंड के तेवराइपुरवा गांव का दौरा किया। उन्होंने बाढ़ संभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
तटबंधों और जल निकासी व्यवस्था की समीक्षा
निरीक्षण के दौरान जल शक्ति मंत्री ने नदी के तटबंधों, कटान संभावित स्थानों तथा जल निकासी व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने सिंचाई विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों से बाढ़ सुरक्षा कार्यों की प्रगति की जानकारी प्राप्त की।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और सभी सुरक्षा कार्य निर्धारित समय के भीतर पूरे किए जाएं।
राहत एवं बचाव की तैयारियां रखने के निर्देश
जल शक्ति मंत्री ने कहा कि संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों की सभी तैयारियां पहले से सुनिश्चित रहनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नावों, राहत सामग्री, आवश्यक दवाइयों, पशुओं के चारे तथा सुरक्षित आश्रय स्थलों की पर्याप्त व्यवस्था समय रहते पूरी कर ली जाए, ताकि आपात स्थिति में तुरंत राहत कार्य शुरू किए जा सकें।
तटबंधों की सतत निगरानी पर जोर
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि तटबंधों की नियमित निगरानी की जाए और जहां कहीं भी कटान या रिसाव की आशंका दिखाई दे, वहां तत्काल मरम्मत एवं सुरक्षात्मक कार्य कराए जाएं।
इसके साथ ही बाढ़ चौकियों को पूरी तरह सक्रिय रखने तथा सिंचाई, राजस्व, पुलिस और अन्य संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए।
ग्रामीणों की समस्याएं भी सुनीं
निरीक्षण के दौरान स्थानीय ग्रामीणों ने क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न समस्याओं से मंत्री को अवगत कराया। जल शक्ति मंत्री ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को उनके समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण समाधान के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है और बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं।
विभागीय अधिकारी रहे मौजूद
निरीक्षण के दौरान तहसील प्रशासन, सिंचाई विभाग, राजस्व विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों को अपने-अपने दायित्वों का पूरी जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करने के निर्देश दिए गए।
निष्कर्ष
बाराबंकी के संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने स्पष्ट किया कि बाढ़ सुरक्षा और राहत व्यवस्था को लेकर किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रशासन को समय रहते सभी तैयारियां पूरी करने, तटबंधों की नियमित निगरानी रखने और राहत संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि मानसून के दौरान किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
