रिपोर्टर: शुभम सिंह
बांदा। खरीफ सीजन में किसानों को समय पर और पारदर्शी तरीके से उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश सरकार ने बांदा जिले में तकनीक आधारित नई खाद वितरण व्यवस्था लागू की है। नई प्रणाली के तहत डीएपी और एमओपी उर्वरकों का वितरण निर्धारित मानकों और वास्तविक कृषि योग्य भूमि के आधार पर किया जाएगा, जिससे कालाबाजारी और अनियमितताओं पर अंकुश लगाने का प्रयास किया जाएगा।
ड्रोन और जियो टैगिंग से होगी निगरानी
नई व्यवस्था के तहत ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय किसान समृद्धि योजना’ के कार्यों की ड्रोन से फोटोग्राफी कराई जाएगी। साथ ही सभी सहकारी खाद समितियों की जियो टैगिंग की जाएगी, ताकि उर्वरकों के भंडारण और वितरण की रियल-टाइम निगरानी सुनिश्चित की जा सके।
अधिकारी करेंगे स्थलीय निरीक्षण
प्रशासन के अनुसार वरिष्ठ अधिकारी स्वयं खेतों में जाकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करेंगे। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाएगा कि जिले में डीएपी और एमओपी उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे और किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
किसानों को किया जाएगा जागरूक
खाद वितरण शुरू होने से पहले गांवों में व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। किसानों को उनके निर्धारित कोटे, उर्वरकों के संतुलित उपयोग और वितरण प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी, जिससे अनावश्यक भीड़ और लंबी कतारों से बचा जा सके।
किसानों ने जताई खुशी
नई व्यवस्था को लेकर बांदा के किसानों और कृषि विशेषज्ञों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था लागू होने से बिचौलियों की भूमिका कम होगी और पात्र किसानों तक उर्वरक पारदर्शी तरीके से पहुंच सकेगा।
