रिपोर्टर: कबीर
मुजफ्फरनगर। साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना साइबर क्राइम पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर लोगों से कथित रूप से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के 20 हजार रुपये के इनामी वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी के बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि के लेनदेन के लिए किया जाता था।
गृह मंत्रालय के पोर्टल पर मिली थीं शिकायतें
थाना साइबर क्राइम प्रभारी कर्मवीर सिंह के नेतृत्व में की गई कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर आरोपी रिहान को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार गृह मंत्रालय के ‘प्रतिबिम्ब’ पोर्टल पर डिजिटल अरेस्ट के नाम पर लोगों को डराकर ठगी किए जाने की कई शिकायतें प्राप्त हुई थीं। जांच में ठगी में प्रयुक्त मोबाइल नंबर और बैंक खाते मुजफ्फरनगर से संचालित पाए गए।
पहले पांच आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार
इस मामले में थाना साइबर क्राइम में मुकदमा संख्या 11/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) एवं आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। पुलिस इससे पहले गिरोह से जुड़े नदीम, गफरान, मयूर अफजल राणा, तालिब और अरमान को गिरफ्तार कर चुकी थी, जबकि रिहान फरार चल रहा था।
बैंक खातों के इस्तेमाल का आरोप
पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने अपने नाम से कई बैंक खाते खुलवाए थे। इसके अलावा “रिहान ट्रांसपोर्ट” नाम से एक फर्म के नाम पर भी बैंक खाता खोला गया था। पुलिस का आरोप है कि इन खातों का उपयोग डिजिटल अरेस्ट और अन्य साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि को प्राप्त करने और आगे स्थानांतरित करने में किया जाता था।
आरोपी ने कथित रूप से यह भी बताया कि प्रत्येक बैंक खाते के बदले उसे राशि और लेनदेन पर कमीशन दिया जाता था।
करोड़ों की शिकायतें, लाखों का लेनदेन
पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ विभिन्न राज्यों में लगभग 20 साइबर अपराध की शिकायतें दर्ज हैं, जिनमें कुल करीब 31.95 करोड़ रुपये की कथित साइबर ठगी का उल्लेख है। जांच में आरोपी के बैंक खातों में 31.71 लाख रुपये से अधिक के लेनदेन की पुष्टि होने का दावा किया गया है।
इन आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और आगे की जांच के अधीन है।
आगे की जांच जारी
गिरफ्तार आरोपी की पहचान रिहान पुत्र मोहम्मद मेहराज, निवासी मक्कीनगर, योगेंद्रपुरी, थाना खालापार, मुजफ्फरनगर के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है तथा गिरोह के अन्य सदस्यों और इससे जुड़े मामलों की जांच जारी है।
इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक कर्मवीर सिंह, उपनिरीक्षक महेंद्र सिंह, हेड कांस्टेबल सुनील कुमार, कांस्टेबल रोबिन कसाना और राहुल कुमार शामिल रहे।
