रिपोर्ट: राकेश कुमार, बिजनौर
किरतपुर थाने पहुंचकर की कानूनी कार्रवाई की मांग
बिजनौर जनपद के किरतपुर में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) और भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने नाजिया इलाही खान के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग को लेकर थाना किरतपुर में ज्ञापन सौंपा। एआईएमआईएम के नगर अध्यक्ष मौलाना हबीबुर्रहमान रशीदी के नेतृत्व में पहुंचे कार्यकर्ताओं ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।
इस दौरान भीम आर्मी के कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे और उन्होंने भी ज्ञापन के माध्यम से कार्रवाई की मांग का समर्थन किया।
सोशल मीडिया वीडियो को लेकर जताई आपत्ति
पुलिस को दिए गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित एक पॉडकास्ट/वीडियो में नाजिया इलाही खान द्वारा पैगंबर मोहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) तथा उम्मुल मोमिनीन हजरत आयशा (रज़ि.) के संबंध में कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणियां की गई हैं।
ज्ञापन में दावा किया गया कि उक्त वीडियो के वायरल होने से मुस्लिम समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं और लोगों में नाराजगी व्याप्त है।
संबंधित धाराओं में कार्रवाई की मांग
मौलाना हबीबुर्रहमान रशीदी ने पुलिस से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (आईटी एक्ट) की प्रासंगिक धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया जाए।
उन्होंने कहा कि धार्मिक भावनाओं से जुड़े मामलों में कानून के अनुसार निष्पक्ष कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि सामाजिक सौहार्द और कानून व्यवस्था बनी रहे।
पुलिस ने जांच का दिया आश्वासन
थाना किरतपुर पुलिस ने ज्ञापन प्राप्त कर मामले की जांच के बाद नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
फिलहाल इस मामले में समाचार के अनुसार ज्ञापन दिया गया है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और नाजिया इलाही खान की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
निष्कर्ष
बिजनौर के किरतपुर में एआईएमआईएम और भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने नाजिया इलाही खान के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों के आरोपों को लेकर पुलिस को ज्ञापन सौंपा है। संगठनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित कानूनी धाराओं में कार्रवाई की मांग की है। वहीं पुलिस ने ज्ञापन प्राप्त कर जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया है। मामले में जांच पूरी होने और सभी पक्षों के सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
