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रामपुर में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा पर प्रशासन सख्त, डीएम और एसपी ने किया संयुक्त निरीक्षण

रिपोर्टर: शारिक खान

स्थान: रामपुर, उत्तर प्रदेश

लखनऊ की अग्नि दुर्घटना के बाद रामपुर प्रशासन हुआ अलर्ट

लखनऊ में हाल ही में हुई अग्नि दुर्घटना को गंभीरता से लेते हुए रामपुर जिला प्रशासन ने जनपद के कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है। छात्र-छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी और पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीना ने संयुक्त रूप से विभिन्न कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने संस्थानों में उपलब्ध अग्नि सुरक्षा उपकरणों, आपातकालीन निकास मार्गों, भवन की सुरक्षा व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लिया। साथ ही संचालकों को सुरक्षा मानकों का पूर्ण रूप से पालन करने के निर्देश दिए गए।

छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने कहा कि किसी भी शिक्षण संस्थान में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने सभी कोचिंग संस्थान संचालकों को निर्देशित किया कि अग्नि सुरक्षा संबंधी सभी मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।

उन्होंने कहा कि सुरक्षा मानकों का पालन केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि प्रत्येक संस्थान की जिम्मेदारी है। यदि किसी संस्थान में सुरक्षा व्यवस्था में कमी पाई जाती है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

फायर सेफ्टी ऑडिट और मॉक ड्रिल के दिए निर्देश

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने सभी संस्थानों को नियमित रूप से फायर सेफ्टी ऑडिट कराने के निर्देश दिए। साथ ही यह भी कहा गया कि समय-समय पर मॉक ड्रिल आयोजित की जाए ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में छात्र, शिक्षक और संस्थान का स्टाफ बिना घबराहट के सुरक्षित तरीके से बाहर निकल सके।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आपदा के समय सही प्रशिक्षण और त्वरित प्रतिक्रिया कई बड़ी घटनाओं को टाल सकती है। इसलिए मॉक ड्रिल को नियमित प्रक्रिया का हिस्सा बनाया जाना चाहिए।

छात्रों और शिक्षकों को किया गया जागरूक

निरीक्षण के दौरान छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों को भी अग्निकांड अथवा अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

उन्हें बताया गया कि आग लगने जैसी स्थिति में घबराने के बजाय निर्धारित आपातकालीन निकास मार्ग का उपयोग करें, अग्निशमन उपकरणों की जानकारी रखें तथा प्रशासन और राहत दल के निर्देशों का पालन करें। इस प्रकार की जागरूकता भविष्य में किसी भी दुर्घटना के दौरान जनहानि को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर होगी कार्रवाई

जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने संयुक्त रूप से स्पष्ट किया कि छात्र-छात्राओं की सुरक्षा से जुड़े नियमों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि निरीक्षण के दौरान किसी संस्थान में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही या निर्धारित मानकों का पालन न करने की स्थिति पाई जाती है, तो संबंधित संचालक के विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों ने संस्थान संचालकों से अपील की कि वे सुरक्षा व्यवस्थाओं को प्राथमिकता दें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूरी जिम्मेदारी के साथ पालन करें।

प्रशासन का उद्देश्य सुरक्षित शिक्षण वातावरण

रामपुर जिला प्रशासन का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य केवल निरीक्षण करना नहीं, बल्कि जनपद के सभी कोचिंग संस्थानों में सुरक्षित और जिम्मेदार शिक्षण वातावरण सुनिश्चित करना है। प्रशासन चाहता है कि छात्र-छात्राएं बिना किसी भय के अध्ययन कर सकें और किसी भी आपात स्थिति में संस्थान पूरी तरह तैयार रहें।

जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी और पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीना ने कहा कि भविष्य में भी ऐसे निरीक्षण जारी रहेंगे ताकि सुरक्षा मानकों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके और किसी भी संभावित दुर्घटना को समय रहते रोका जा सके।

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