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महोबा: चरखारी में पशुपालक पर जानलेवा फायरिंग, गंभीर हालत में झांसी रेफर; पुलिस आरोपियों की तलाश में

रिपोर्टर: गुलाब सिंह गौर

स्थान: चरखारी, महोबा

चरखारी में शाम के समय हुई फायरिंग से फैली सनसनी

महोबा जिले के चरखारी क्षेत्र के ग्राम गौरहरी में बुधवार की शाम एक सनसनीखेज घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके को दहला दिया। खेतों से अपने पालतू पशुओं को चराकर घर लौट रहे एक पशुपालक पर अज्ञात हमलावरों ने कथित तौर पर जानलेवा फायरिंग कर दी। गोली लगने से घायल व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चरखारी ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल महोबा रेफर किया गया। बाद में डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज झांसी भेज दिया।

घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। प्रशासन का कहना है कि मामले के हर पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है।

खेत से लौटते समय हुआ हमला

प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम गौरहरी निवासी फूल सिंह (56 वर्ष) प्रतिदिन की तरह बुधवार शाम करीब साढ़े सात बजे अपनी भैंसों और गायों को चराकर घर लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में उन पर हमला हुआ।

परिजनों का आरोप है कि कुछ लोग पहले से घात लगाए बैठे थे और उन्होंने जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। अचानक चली गोलियों की आवाज से पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई। घायल ने खुद को बचाने की कोशिश की, लेकिन वह गोली लगने से गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े।

घटना के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। ग्रामीणों ने तुरंत परिजनों को सूचना दी, जिसके बाद घायल को अस्पताल पहुंचाया गया।

गंभीर हालत में झांसी किया गया रेफर

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चरखारी में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने घायल की स्थिति गंभीर देखते हुए जिला अस्पताल महोबा भेज दिया। जिला अस्पताल में जांच के दौरान शरीर में गोली फंसी होने की पुष्टि हुई।

डॉक्टरों ने बेहतर चिकित्सा सुविधा की आवश्यकता को देखते हुए गुरुवार सुबह घायल को मेडिकल कॉलेज झांसी रेफर कर दिया। फिलहाल उनका इलाज जारी है और चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया है।

लेन-देन के विवाद की चर्चा

ग्रामीणों के बीच चर्चा है कि इस घटना के पीछे रुपयों के लेन-देन का विवाद हो सकता है। बताया जा रहा है कि लगभग एक माह पहले भी संबंधित पक्षों के बीच विवाद हुआ था, जिसमें लाठी-डंडे चले थे।

हालांकि पुलिस ने अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। जांच अधिकारी सभी संभावित कारणों की पड़ताल कर रहे हैं और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप

घायल के परिजनों ने गांव के ही दो लोगों पर हमले का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पुरानी रंजिश के चलते इस वारदात को अंजाम दिया गया।

परिजनों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

पुलिस ने तेज की आरोपियों की तलाश

घटना की सूचना मिलते ही गौरहरी चौकी पुलिस और चरखारी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास के लोगों से पूछताछ की।

संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है तथा तकनीकी साक्ष्यों के साथ-साथ प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी जुटाए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही मामले का खुलासा करने का प्रयास किया जा रहा है।

ग्रामीणों में बढ़ी सुरक्षा की चिंता

सरेशाम हुई इस घटना के बाद गांव के लोगों में भय का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि सार्वजनिक स्थान पर इस तरह की वारदात कानून-व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े करती है।

लोगों ने क्षेत्र में नियमित पुलिस गश्त बढ़ाने और असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि आम नागरिक सुरक्षित महसूस कर सकें।

पुलिस का आधिकारिक बयान

चरखारी कोतवाली प्रभारी निरीक्षक वीरेन्द्र प्रताप ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम सक्रिय कर दी गई है। आरोपियों की तलाश लगातार जारी है और मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है।

उन्होंने कहा कि जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर निष्पक्ष एवं कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

निष्कर्ष

चरखारी के ग्राम गौरहरी में हुई यह घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। घायल का इलाज झांसी मेडिकल कॉलेज में जारी है, जबकि पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अपुष्ट जानकारी या अफवाह पर विश्वास न करें और जांच में प्रशासन का सहयोग करें।

यह मामला न केवल कानून-व्यवस्था बल्कि ग्रामीण सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है। ऐसे मामलों में त्वरित पुलिस कार्रवाई, निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई ही आम जनता का विश्वास बनाए रखने का सबसे प्रभावी माध्यम है।

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