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हर घर नल जल योजना पर उठे सवाल, तीन दिन में एक बार मिल रहा पानी; खुले गड्ढे में फंसी कार, बड़ा हादसा टला

रिपोर्टर: अखिलेन्द्र राजपूत, महोबा

महोबा। जनपद के ग्राम सिजहरी में हर घर नल जल योजना को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर शिकायतें की हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि योजना के तहत नियमित जलापूर्ति नहीं हो रही है और दो से तीन दिन में केवल एक बार ही पानी की सप्लाई मिल रही है। इससे लोगों को पेयजल के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

नियमित जलापूर्ति न होने से बढ़ी परेशानी

ग्रामीणों के अनुसार, हर घर नल जल योजना का उद्देश्य प्रत्येक घर तक नियमित पेयजल पहुंचाना है, लेकिन गांव में स्थिति इसके विपरीत है। उनका कहना है कि दो से तीन दिन में एक बार पानी आने के कारण दैनिक जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो गया है।

ग्रामीणों ने नियमित और पर्याप्त जलापूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।

खुले पड़े गड्ढों से दुर्घटना का खतरा

ग्रामीणों ने बताया कि पाइपलाइन बिछाने के दौरान वाल्व लगाने के लिए कई स्थानों पर गड्ढे खोदे गए थे, लेकिन कार्य पूरा होने के बाद भी उन्हें ठीक से भरा या बंद नहीं किया गया।

उनका कहना है कि ये खुले गड्ढे राहगीरों और वाहन चालकों के लिए लगातार खतरा बने हुए हैं तथा आए दिन दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।

गड्ढे में घुसा चार पहिया वाहन

ग्रामीणों के मुताबिक, शुक्रवार को एक चार पहिया वाहन खुले गड्ढे में जा घुसा। हालांकि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन लोगों का कहना है कि समय रहते वाहन रुक जाने से बड़ा हादसा टल गया।

घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग के खिलाफ नाराजगी जताई।

ग्रामीणों ने की कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों ने मांग की है कि:

गांव में नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए।

खुले पड़े गड्ढों को तत्काल भरवाया जाए।

पाइपलाइन कार्य की गुणवत्ता की जांच कराई जाए।

लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों एवं संबंधित एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

प्रशासन से समाधान की उम्मीद

ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया तो किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि पेयजल व्यवस्था को सुचारु बनाया जाए और गांव में सुरक्षा के लिहाज से सभी अधूरे कार्य जल्द पूरे कराए जाएं।

नोट: यह समाचार ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों और उनकी शिकायतों पर आधारित है। संबंधित विभाग का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जा सकता है।

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