रिपोर्टर: रजनीश शर्मा, हरदोई
हरदोई। जिले के पचदेवरा थाना क्षेत्र में पुलिस ने चोरी की वारदातों का खुलासा करते हुए चार शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से चोरी किए गए सोने-चांदी के जेवरात, नगदी और गैस सिलेंडर बरामद किए हैं। मामले में दो नाबालिग लड़कों को भी पुलिस अभिरक्षा में लिया गया है, जिनका इस्तेमाल आरोपी चोरी की घटनाओं में करते थे।
22 जून को हुई थी बड़ी चोरी
जानकारी के अनुसार, 22 जून को पचदेवरा थाना क्षेत्र के ग्राम उमरिया निवासी रजनीश के मकान में चोरी की घटना हुई थी। चोर घर से सोने-चांदी के जेवरात, नगदी और गैस सिलेंडर चोरी कर फरार हो गए थे।
घटना की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और आरोपियों की तलाश में जुट गई।
चार आरोपियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार
जांच के दौरान पुलिस ने चोरी की वारदात में शामिल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम इस प्रकार हैं:
सौरभ
आलोक
जग्नेश
मनोज
पुलिस ने इनके कब्जे से चोरी का सामान भी बरामद किया है।
नाबालिग बच्चों से कराते थे रेकी
पुलिस जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। आरोपियों द्वारा दो नाबालिग बच्चों का इस्तेमाल चोरी की घटनाओं को अंजाम देने के लिए किया जाता था।
बताया जा रहा है कि आरोपी पहले नाबालिग बच्चों से इलाके की रेकी करवाते थे। बच्चों के माध्यम से घरों की गतिविधियों और सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी जुटाई जाती थी। इसके बाद उन्हें साथ लेकर चोरी की वारदातों को अंजाम दिया जाता था।
पुलिस ने घटना में शामिल दोनों नाबालिग लड़कों को अभिरक्षा में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।
चोरी का सामान बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से निम्न सामान बरामद किया है:
सोने के जेवरात
चांदी के जेवरात
नगदी
गैस सिलेंडर
बरामद सामान को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
गिरोह के नेटवर्क की जांच जारी
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी पहले भी किन-किन क्षेत्रों में चोरी की घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं और उनके साथ अन्य लोग भी जुड़े हैं या नहीं।
अधिकारियों का कहना है कि गिरोह के पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है और यदि अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नाबालिगों का अपराध में इस्तेमाल गंभीर चिंता का विषय
विशेषज्ञों का मानना है कि नाबालिग बच्चों को अपराध की दुनिया में धकेलना एक गंभीर सामाजिक समस्या है। इससे बच्चों का भविष्य प्रभावित होता है और वे कम उम्र में ही आपराधिक गतिविधियों की ओर बढ़ने लगते हैं।
ऐसे मामलों में केवल अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई ही नहीं, बल्कि बच्चों के पुनर्वास और परामर्श की व्यवस्था भी जरूरी होती है।
पुलिस ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अपने घरों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत स्थानीय पुलिस को दें।
अधिकारियों का कहना है कि आम नागरिकों के सहयोग से ही अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है और समाज को सुरक्षित बनाया जा सकता है।
