रिपोर्टर: कबीर, ब्यूरो टीम
श्रावस्ती। जिले के भंगहा बाजार में देर रात एक जर्जर बिजली तार टूटकर सड़क पर गिर गया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही कि जिस समय तार टूटा, उस दौरान सड़क पर कोई मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तत्काल बिजली विभाग को सूचना दी और विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए।
देर रात सड़क पर गिरा बिजली का तार
स्थानीय लोगों के मुताबिक, देर रात अचानक बाजार क्षेत्र से गुजर रही पुरानी विद्युत लाइन का तार टूटकर सड़क पर गिर गया। घटना के समय बाजार पूरी तरह शांत था और लोगों की आवाजाही नहीं होने के कारण कोई जनहानि नहीं हुई। हालांकि, यदि यह घटना दिन के समय होती तो बड़ा हादसा हो सकता था।
तार गिरने के बाद स्थानीय लोगों में भय और दहशत का माहौल बन गया। लोगों ने आसपास मौजूद लोगों को सतर्क करते हुए तुरंत बिजली विभाग को सूचना दी।
पहले भी हो चुकी है ऐसी घटना
ग्रामीणों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है। करीब चार दिन पहले भी इसी स्थान पर बिजली का तार टूट गया था। उस समय विभाग की ओर से केवल तार को जोड़कर बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई थी, लेकिन स्थायी समाधान नहीं किया गया।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि उसी समय जर्जर तार बदल दिए जाते तो दोबारा ऐसी स्थिति पैदा नहीं होती।
कई बार की गई शिकायत, नहीं हुआ समाधान
ग्रामीणों ने बताया कि बाजार की विद्युत लाइन काफी पुरानी और जर्जर हो चुकी है। कई स्थानों पर तार नीचे तक लटक रहे हैं, जिससे लगातार दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों से जर्जर तार बदलने और अतिरिक्त पोल लगाने की मांग की गई, लेकिन उनकी शिकायतों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग की अनदेखी के कारण लोगों की जान जोखिम में पड़ रही है।
आधा बाजार अंधेरे में डूबा रहा
घटना के बाद सुरक्षा के मद्देनजर बिजली विभाग ने शटडाउन लिया। कुछ समय बाद आधे बाजार में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई, लेकिन आधा कस्बा पूरी रात अंधेरे में डूबा रहा।
भीषण गर्मी के बीच लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बिजली नहीं होने से घरों में रहने वाले बुजुर्ग, बच्चे और मरीज सबसे ज्यादा प्रभावित हुए।
पावर हाउस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
घटना के बाद ग्रामीणों ने पावर हाउस की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि यदि नियमित निरीक्षण किया जाता तो ऐसी स्थिति पैदा नहीं होती।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में विद्युत लाइनों की समय-समय पर जांच नहीं की जाती, जिससे लगातार हादसों का खतरा बना रहता है।
जेई का फोन नहीं उठने से बढ़ी नाराजगी
ग्रामीणों ने बताया कि घटना के बाद संबंधित जूनियर इंजीनियर (जेई) से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन रिसीव नहीं हुआ।
आपात स्थिति के दौरान अधिकारियों की अनुपलब्धता को लेकर लोगों में नाराजगी देखने को मिली। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसी परिस्थितियों में जिम्मेदार अधिकारियों का उपलब्ध रहना बेहद जरूरी है।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें
स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग से तत्काल निम्न मांगें की हैं:
जर्जर बिजली तारों को तत्काल बदला जाए।
बाजार क्षेत्र में नए बिजली पोल लगाए जाएं।
पूरी विद्युत लाइन का तकनीकी निरीक्षण कराया जाए।
नीचे लटक रहे तारों को व्यवस्थित किया जाए।
आपात स्थिति के लिए अधिकारियों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्थायी समाधान किया जाए।
जनसुरक्षा को प्राथमिकता देने की जरूरत
स्थानीय लोगों का कहना है कि बिजली व्यवस्था में सुधार केवल सुविधा का विषय नहीं, बल्कि जनसुरक्षा का भी मामला है। यदि समय रहते जर्जर तारों और पुराने ढांचे को नहीं बदला गया, तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
ग्रामीणों ने प्रशासन और बिजली विभाग से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों की सुरक्षा के साथ-साथ निर्बाध बिजली आपूर्ति भी बनी रहे।
