रिपोर्ट: कबीर, मुजफ्फरनगर
मुजफ्फरनगर के थाना सिविल लाइन क्षेत्र स्थित रुड़की रोड पर बने इंडियन हॉस्पिटल में डिलीवरी ऑपरेशन के बाद एक महिला की हालत बिगड़ने का मामला सामने आया है। महिला की गंभीर स्थिति के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगाते हुए अस्पताल के बाहर धरना देकर विरोध प्रदर्शन किया।
घटना के बाद पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
ऑपरेशन के बाद बिगड़ती गई महिला की तबीयत
जानकारी के अनुसार महिला को डिलीवरी के लिए इंडियन हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, जहां उसका ऑपरेशन किया गया। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद से ही महिला की तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई, लेकिन अस्पताल की ओर से पर्याप्त निगरानी और बेहतर इलाज उपलब्ध नहीं कराया गया।
स्थिति गंभीर होने पर अस्पताल प्रशासन ने महिला को मेरठ रेफर कर दिया।
अस्पताल के बाहर परिजनों ने किया प्रदर्शन
महिला को रेफर किए जाने की जानकारी मिलते ही परिजनों में आक्रोश फैल गया। बड़ी संख्या में लोग अस्पताल के बाहर पहुंच गए और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए।
परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
मौके पर पहुंची पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम
हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। वहीं मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग भी सक्रिय हो गया।
एसीएमओ डॉ. महेश सिंह और डॉ. अजय कुमार मौके पर पहुंचे और अस्पताल में मरीज के उपचार से जुड़े रिकॉर्ड, ऑपरेशन प्रक्रिया और अन्य दस्तावेजों की जांच शुरू की।
जांच रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने अस्पताल प्रबंधन से पूरे मामले की जानकारी ली। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
यदि जांच में किसी प्रकार की चिकित्सीय लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर निजी अस्पतालों में मरीजों की सुरक्षा और इलाज की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
परिजनों का कहना है कि यदि समय रहते उचित उपचार और बेहतर देखभाल मिलती तो महिला की हालत इतनी गंभीर नहीं होती।
शहर में चर्चा का विषय बना मामला
फिलहाल यह मामला पूरे शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है। स्वास्थ्य विभाग की जांच जारी है और सभी की निगाहें अब जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं।
नोट: परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
