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ईद-ए-ग़दीर पर आरटीओ कार्यालय के बाहर लगी सबील, राहगीरों को पिलाया गया ठंडा शरबत

रिपोर्ट: कबीर, ब्यूरो मुज़फ्फरनगर

भीषण गर्मी में सेवा और इंसानियत का अनूठा उदाहरण

मुज़फ्फरनगर में ईद-ए-ग़दीर के पावन अवसर पर आरटीओ कार्यालय के बाहर सबील लगाकर राहगीरों को ठंडा शरबत वितरित किया गया। भीषण गर्मी के बीच आयोजित इस सेवा कार्य ने लोगों को राहत पहुंचाने के साथ-साथ भाईचारे, इंसानियत और सामाजिक सद्भाव का संदेश भी दिया।

कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और आने-जाने वाले राहगीरों, वाहन चालकों तथा आम नागरिकों को शीतल शरबत पिलाया गया। गर्म मौसम में इस पहल को लोगों ने काफी सराहा और इसे मानव सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।

ईद-ए-ग़दीर का दिया गया संदेश

आयोजकों ने बताया कि ईद-ए-ग़दीर केवल एक धार्मिक पर्व नहीं बल्कि त्याग, प्रेम, भाईचारे और मानवता का संदेश देने वाला अवसर है। इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए सबील का आयोजन किया गया, ताकि लोगों की सेवा कर समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचाया जा सके।

उन्होंने कहा कि किसी भी धर्म का मूल उद्देश्य मानवता की सेवा और समाज में प्रेम एवं सौहार्द को बढ़ावा देना है। इसी सोच के साथ राहगीरों को शरबत वितरित कर सेवा कार्य किया गया।

राहगीरों ने की पहल की सराहना

आरटीओ कार्यालय के बाहर से गुजरने वाले लोगों ने इस सेवा कार्य की सराहना की। भीषण गर्मी में ठंडा शरबत मिलने से लोगों को राहत मिली और उन्होंने आयोजनकर्ताओं का आभार व्यक्त किया।

कई राहगीरों ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में सकारात्मक वातावरण तैयार करते हैं और लोगों को एक-दूसरे की सहायता करने की प्रेरणा देते हैं। ऐसे कार्यक्रम सामाजिक एकता और आपसी सहयोग को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

भाईचारे और सद्भाव का संदेश

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने कहा कि समाज में आपसी प्रेम और सौहार्द बनाए रखना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। धार्मिक अवसरों को सेवा कार्यों से जोड़कर समाज को एक सकारात्मक दिशा दी जा सकती है।

आयोजकों ने कहा कि इंसानियत से बढ़कर कोई धर्म नहीं होता और जरूरतमंदों की सहायता करना सबसे बड़ा पुण्य कार्य माना जाता है। इसी भावना के साथ पूरे दिन लोगों को शरबत वितरित किया गया।

पूरे दिन चलता रहा सेवा कार्य

सबील पर सुबह से लेकर शाम तक राहगीरों को शीतल पेय और शरबत वितरित किया गया। कार्यक्रम के दौरान लोगों में उत्साह देखने को मिला और बड़ी संख्या में नागरिकों ने इस सेवा अभियान में सहयोग भी किया।

गर्मी से राहत पाने वाले लोगों ने कहा कि ऐसे आयोजन न केवल लोगों की तत्काल जरूरतों को पूरा करते हैं बल्कि समाज में मानवीय मूल्यों को भी मजबूत बनाते हैं।

गणमान्य लोग रहे मौजूद

इस अवसर पर शाबी हसन, चमन रिजवी, मासूम अब्बास तथा ज़ीशान सलमानी सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।

सभी ने मिलकर कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान दिया और लोगों की सेवा करते हुए सामाजिक एकता का संदेश दिया।

निष्कर्ष

मुज़फ्फरनगर में ईद-ए-ग़दीर के अवसर पर आयोजित शरबत वितरण कार्यक्रम सेवा, भाईचारे और इंसानियत का सुंदर उदाहरण बनकर सामने आया। आरटीओ कार्यालय के बाहर लगाई गई सबील ने भीषण गर्मी में राहगीरों को राहत पहुंचाने के साथ-साथ समाज में प्रेम, सद्भाव और मानवता का संदेश भी दिया।

इस प्रकार के आयोजन न केवल धार्मिक मूल्यों को मजबूत करते हैं बल्कि समाज को एकजुट करने और मानव सेवा की भावना को आगे बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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