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कृष्ण जन्मोत्सव की भव्य झांकी ने मोहा मन, जयघोषों से गूंज उठा कथा पंडाल

वासुदेव बने वरिष्ठ पत्रकार पंकज दक्ष, बाल कृष्ण की मनमोहक मुस्कान ने श्रद्धालुओं को किया भाव-विभोर

रिपोर्ट: राकेश कुमार, बिजनौर

धामपुर। ग्राम नौरंगाबाद स्थित पंचायत भवन परिसर में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ महोत्सव के दौरान बुधवार को भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का प्रसंग अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म और वासुदेव द्वारा उन्हें सुरक्षित गोकुल पहुंचाने की जीवंत झांकी ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। कथा पंडाल में “जय कन्हैया लाल की” के जयघोषों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।

भक्ति गीतों पर झूम उठे श्रद्धालु

कथा के दौरान महाराज श्री के संगतकारों ने “लाला जनम सुन आई यशोदा मैया दे दो बधाई” और “नंद घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” जैसे भक्ति गीतों की मधुर प्रस्तुति दी। इन भजनों ने श्रद्धालुओं को भक्ति रस में डुबो दिया।

भक्तों ने तालियों की गूंज और नृत्य के साथ भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की खुशियां मनाईं। पूरे कथा मंडप में भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस अवसर पर कई श्रद्धालुओं को उपहार भी प्रदान किए गए।

कृष्ण जन्मोत्सव की झांकी बनी आकर्षण का केंद्र

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की भव्य झांकी रही। झांकी में जनपद के वरिष्ठ पत्रकार पंकज कुमार दक्ष ने वासुदेव की भूमिका निभाई, जिसे उपस्थित श्रद्धालुओं ने खूब सराहा।

वहीं बाल कृष्ण के रूप में नन्हे बालक निवान राजपूत निकुंज ने अपनी मासूम मुस्कान, आकर्षक हाव-भाव और मनमोहक प्रस्तुति से सभी का दिल जीत लिया। बाल गोपाल के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों ने तिलक कर यथाशक्ति दक्षिणा अर्पित की और आशीर्वाद प्राप्त किया।

अधर्म के विनाश के लिए भगवान लेते हैं अवतार

व्यास पीठ पर विराजमान वृंदावन धाम से पधारे प्रसिद्ध श्रीमद्भागवत कथा वाचक भागवत आचार्य कृष्ण मोहन जी महाराज ने कृष्ण जन्म प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया।

उन्होंने कहा कि जब-जब पृथ्वी पर अधर्म, अन्याय और अत्याचार बढ़ता है, तब-तब भगवान धर्म की स्थापना और सज्जनों की रक्षा के लिए विभिन्न रूपों में अवतार धारण करते हैं। भगवान श्रीकृष्ण का अवतार भी धर्म की रक्षा और अधर्म के नाश के लिए हुआ था।

सामूहिक पूजन के साथ हुआ कार्यक्रम

कथा प्रारंभ होने से पूर्व वैदिक विधि-विधान के साथ सामूहिक पूजन संपन्न कराया गया। कार्यक्रम के मुख्य यजमान ग्राम नौरंगाबाद के समाजसेवी ठाकुर शूरवीर सिंह एवं उनकी धर्मपत्नी डॉ. सुजाता सिंह रहे।

द्वितीय यजमान के रूप में श्रीकांत आर्य, उनकी धर्मपत्नी ज्योति रानी आर्य, पुत्री परी आर्य तथा ललित आर्य ने परिवार सहित पूजन में भाग लेकर भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी के चरणों में श्रद्धा अर्पित की।

पूजन कार्यक्रम को आचार्य पंडित सचिन कुमार शर्मा ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ संपन्न कराया।

भजन, भोजन और दान का महत्व बताया

अपने प्रवचन में भागवत आचार्य कृष्ण मोहन जी महाराज ने कहा कि संसार के सभी रिश्ते केवल जीवनकाल तक सीमित रहते हैं, जबकि परमात्मा के साथ जुड़ा संबंध शाश्वत और अमर होता है।

उन्होंने कहा कि मनुष्य के जीवन में भजन, भोजन और दान का विशेष महत्व है। इनका प्रदर्शन नहीं बल्कि दर्शन होना चाहिए। उन्होंने दान की महिमा, मन की चंचलता, तीन प्रकार के स्नान, सूक्ष्म एवं स्थूल शरीर तथा धार्मिक ग्रंथों में वर्णित विभिन्न आध्यात्मिक विषयों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला।

श्रद्धालुओं के सहयोग से सफल हो रहा आयोजन

ग्राम पंचायत नौरंगाबाद के प्रशासक प्रदीप कुमार के संरक्षण तथा क्षेत्र के श्रद्धालु परिवारों के सहयोग से आयोजित यह श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव लगातार श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में संपन्न हो रहा है।

प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए पहुंच रहे हैं और धार्मिक आयोजनों में बढ़-चढ़कर भागीदारी निभा रहे हैं। कृष्ण जन्मोत्सव के इस विशेष आयोजन ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया और श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति कराई।

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