रिपोर्ट: कबीर, मुजफ्फरनगर
मुजफ्फरनगर के सिखेड़ा थाना क्षेत्र में हुए चर्चित विकसित उर्फ रॉकी हत्याकांड का पुलिस ने ऐसा खुलासा किया है जिसने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि हत्या की साजिश मृतक की पत्नी ने ही रची थी। आरोप है कि उसने अपने पूर्व पति के बेटे और अन्य साथियों के साथ मिलकर पति की हत्या की योजना बनाई और फिर पहचान मिटाने के लिए शव को ठिकाने लगाने की कोशिश की गई।
पुलिस के अनुसार मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि कुछ आरोपी अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
गुमशुदगी से शुरू हुई जांच, हत्या तक पहुंचा मामला
पुलिस के अनुसार बेहड़ा अस्सा निवासी विकसित उर्फ रॉकी 18 मई को घर से ऋषिकेश जाने की बात कहकर निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। परिजनों ने उसकी तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिलने पर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।
शुरुआत में मामला गुमशुदगी के रूप में दर्ज किया गया था, लेकिन जांच के दौरान कई संदिग्ध तथ्य सामने आए। इसके बाद पुलिस ने अपहरण और हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच तेज कर दी।
पत्नी और सौतेले बेटे पर गया शक
जांच के दौरान पुलिस का संदेह मृतक की पत्नी रेनू, उसके पूर्व पति के बेटे बादल, निशा और अन्य सहयोगियों पर गया। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर पूरे घटनाक्रम की परतें खोलनी शुरू कीं।
एक जून को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान आरोपी मोन्टी उर्फ अभि त्यागी को गिरफ्तार किया था। उसकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस को मामले से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिले और जांच आगे बढ़ी।
मुठभेड़ के बाद मुख्य आरोपी गिरफ्तार
पुलिस को सूचना मिली कि मुख्य आरोपी स्कॉर्पियो वाहन से फरार होने की कोशिश कर रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने जौली-असदनगर मार्ग पर घेराबंदी कर चेकिंग शुरू कर दी।
पुलिस को देखकर आरोपी वाहन मोड़कर भागने लगे, लेकिन तेज मोड़ पर स्कॉर्पियो फिसलकर सड़क किनारे नाली में फंस गई। इसी दौरान एक महिला आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गई।
पुलिस के अनुसार वाहन से उतरकर बादल ने पुलिस टीम पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी और उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।
वाहन और महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद
गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त स्कॉर्पियो, अवैध तमंचा, जिंदा और खोखा कारतूस बरामद किए गए। इसके अलावा मृतक के पासपोर्ट, आधार कार्ड, वोटर आईडी, चेकबुक और वाहन की आरसी भी पुलिस ने बरामद की है।
घायल आरोपी को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया, जहां उसका इलाज कराया गया।
मुख्य साजिशकर्ता महिला भी गिरफ्तार
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने फरार महिला आरोपी की तलाश में कॉम्बिंग अभियान चलाया। इसी दौरान मुख्य साजिशकर्ता रेनू को जौली रोड स्थित मिर्जा टिल्ला क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस के अनुसार उसकी निशानदेही पर मृतक का पर्स, डेबिट कार्ड, नकदी, कपड़े और अन्य महत्वपूर्ण सामान बरामद किया गया। बरामद वस्तुओं को जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है।
पूछताछ में सामने आया पूरा घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपी बादल ने कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं। उसने बताया कि उसकी मां रेनू ने विकसित उर्फ रॉकी को बहाने से एक मकान पर बुलाया था, जहां अन्य आरोपी पहले से मौजूद थे।
आरोप है कि वहां मिलकर मृतक की हत्या कर दी गई। इसके बाद शव को वाहन में रखकर मुजफ्फरनगर लाया गया और एक खेत में दफना दिया गया।
पहचान छिपाने की कोशिश
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने कथित रूप से पहचान छिपाने के उद्देश्य से शव से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्यों को नष्ट करने का प्रयास किया। पुलिस अब उन सभी तथ्यों और बरामदगी की वैज्ञानिक जांच करा रही है ताकि मामले में मजबूत साक्ष्य जुटाए जा सकें।
अधिकारियों का कहना है कि मामले की विवेचना सभी कानूनी और वैज्ञानिक पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है।
फरार आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस के मुताबिक इस हत्याकांड में शामिल दो आरोपी अभी भी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए विभिन्न स्थानों पर दबिश दी जा रही है और विशेष टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं।
थाना सिखेड़ा पुलिस और एसओजी की संयुक्त कार्रवाई को इस मामले में महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही फरार आरोपियों को भी गिरफ्तार कर पूरे मामले का पूर्ण खुलासा किया जाएगा।
इलाके में चर्चा का विषय बना हत्याकांड
रिश्तों से जुड़े इस चर्चित हत्याकांड ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। मामले में सामने आए आरोपों और पुलिस कार्रवाई के बाद यह घटना इलाके में चर्चा का प्रमुख विषय बनी हुई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी आरोपियों के खिलाफ साक्ष्यों के आधार पर विधिक कार्रवाई की जा रही है और मामले की जांच अभी भी जारी है।
