रिपोर्ट: कबीर | ब्यूरो, मुजफ्फरनगर
मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश बोर्ड परीक्षा 2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं के सम्मान में सोमवार को विकास भवन सभागार में भव्य मेधावी सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिले के हाईस्कूल और इंटरमीडिएट स्तर के टॉप विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। मेधावियों को प्रशस्ति पत्र, मेडल और 21 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान कर उनकी उपलब्धियों को सराहा गया।
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा लखनऊ के लोक भवन से आयोजित राज्य स्तरीय सम्मान कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी दिखाया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पूरे आयोजन का माहौल उपलब्धि, प्रेरणा और गौरव से भरा हुआ दिखाई दिया।
राज्य स्तर पर भी हुआ मेधावियों का सम्मान
राज्य स्तरीय कार्यक्रम में माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से प्रदेशभर के 1,682 मेधावी छात्र-छात्राओं, उनके अभिभावकों और प्रधानाचार्यों को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि आज के मेधावी विद्यार्थी ही कल के सफल वैज्ञानिक, प्रशासक, शिक्षक, उद्यमी और राष्ट्र निर्माता बनेंगे।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सफलता केवल उनकी मेहनत का परिणाम नहीं होती, बल्कि इसमें अभिभावकों के त्याग और शिक्षकों के मार्गदर्शन की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। मुख्यमंत्री ने राज्य स्तर के टॉप विद्यार्थियों को एक लाख रुपये का चेक, प्रशस्ति पत्र, मेडल और सम्मान स्वरूप पगड़ी प्रदान की।
विकास भवन सभागार में हुआ सम्मान समारोह
मुजफ्फरनगर के विकास भवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अनिल कुमार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके साथ नगर पालिका परिषद अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप, राष्ट्रीय लोकदल जिलाध्यक्ष संजय राठी, जिलाधिकारी उमेश मिश्रा, मुख्य विकास अधिकारी कंडारकर कमल किशोर देशभूषण, जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश श्रीवास सहित अनेक अधिकारी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में हाईस्कूल के 9 तथा इंटरमीडिएट के 10 मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। विद्यार्थियों को मंच पर बुलाकर मेडल, प्रशस्ति पत्र और प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। सम्मान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं के चेहरे पर खुशी और आत्मविश्वास साफ दिखाई दे रहा था।
विज्ञान और तकनीक के युग में युवाओं की बड़ी भूमिका
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अनिल कुमार ने कहा कि वर्तमान समय विज्ञान, अनुसंधान, नवाचार और तकनीक का युग है। ऐसे समय में विद्यार्थियों की प्रतिभा और मेहनत देश के भविष्य को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
उन्होंने कहा कि आज सम्मानित हो रहे छात्र-छात्राओं ने अपनी लगन और परिश्रम से यह साबित कर दिया है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और प्रयास निरंतर किए जाएं तो सफलता निश्चित रूप से प्राप्त होती है। उन्होंने युवाओं को नई तकनीकों को सीखने और अपने ज्ञान को लगातार विकसित करने की सलाह दी।
प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध
मंत्री अनिल कुमार ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। शिक्षा, कौशल विकास और तकनीकी प्रशिक्षण के क्षेत्र में कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं ताकि विद्यार्थियों को उनकी क्षमता के अनुसार आगे बढ़ने का अवसर मिल सके।
उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को आर्थिक और शैक्षणिक सहायता प्रदान कर उन्हें देश और समाज के विकास में योगदान देने के लिए तैयार किया जाए।
अभिभावकों को भी दी महत्वपूर्ण सलाह
अपने संबोधन में मंत्री ने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों की रुचि और योग्यता को समझें और उन्हें अपनी पसंद के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर दें। उन्होंने कहा कि हर बच्चा अलग प्रतिभा लेकर पैदा होता है और उस प्रतिभा को पहचानना परिवार की जिम्मेदारी है।
इसके साथ ही उन्होंने छोटे बच्चों के अत्यधिक मोबाइल उपयोग पर चिंता व्यक्त करते हुए डिजिटल उपकरणों के संतुलित उपयोग की सलाह दी। उन्होंने कहा कि तकनीक का उपयोग शिक्षा और ज्ञानवर्धन के लिए होना चाहिए, न कि समय की बर्बादी के लिए।
सफलता की कुंजी है अनुशासन और परिश्रम
नगर पालिका परिषद अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप ने कहा कि सफलता पाने के लिए अनुशासन, निरंतर अध्ययन और कठिन परिश्रम आवश्यक हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें प्राप्त करने के लिए लगातार प्रयासरत रहने का संदेश दिया।
राष्ट्रीय लोकदल जिलाध्यक्ष संजय राठी ने कहा कि जिले के मेधावी विद्यार्थियों ने पूरे जनपद का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा कि ऐसे सम्मान समारोह विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को बढ़ाते हैं और उन्हें भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करते हैं।
शिक्षा व्यवस्था के लिए प्रेरणा हैं मेधावी विद्यार्थी
जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान केवल व्यक्तिगत उपलब्धि का सम्मान नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज और शिक्षा व्यवस्था के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
मुख्य विकास अधिकारी कंडारकर कमल किशोर देशभूषण ने विद्यार्थियों को समय प्रबंधन, सकारात्मक सोच और निरंतर मेहनत को जीवन का मूल मंत्र बनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि जो विद्यार्थी समय का सही उपयोग करते हैं, वे जीवन में निश्चित रूप से सफल होते हैं।
शिक्षकों और अभिभावकों की रही महत्वपूर्ण भूमिका
कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों और वक्ताओं ने विद्यार्थियों की सफलता में शिक्षकों और अभिभावकों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि बच्चों को सही दिशा देने और उनकी क्षमताओं को विकसित करने में परिवार और विद्यालय दोनों की भूमिका समान रूप से महत्वपूर्ण है।
इस अवसर पर शिक्षा विभाग के कई अधिकारी, प्रधानाचार्य और शिक्षक भी उपस्थित रहे। सभी ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
निष्कर्ष
मुजफ्फरनगर में आयोजित मेधावी सम्मान समारोह शिक्षा और प्रतिभा को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि मेहनत, अनुशासन, समय प्रबंधन और सकारात्मक सोच के बल पर किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।
सम्मानित छात्र-छात्राओं की उपलब्धियां न केवल उनके परिवार और विद्यालय के लिए गर्व का विषय हैं, बल्कि पूरे जनपद के लिए प्रेरणा का स्रोत भी हैं। ऐसे आयोजन निश्चित रूप से युवाओं को नई ऊर्जा प्रदान करते हैं और शिक्षा के प्रति समाज में सकारात्मक माहौल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
