ब्यूरो: कबीर
मुजफ्फरनगर में खराब विद्युत व्यवस्था और लगातार सामने आ रही शिकायतों को लेकर प्रदेश सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मेरठ रोड स्थित Federation of Muzaffarnagar Commerce and Industry के सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री Kapil Dev Agarwal ने बिजली विभाग के अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई।
मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शहर में बिजली आपूर्ति को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जनता को निर्बाध विद्युत आपूर्ति देना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
बैठक के दौरान व्यापारियों और उद्यमियों ने बिजली कटौती, लो-वोल्टेज, जर्जर लाइनों और ट्रांसफार्मरों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया, जिस पर मंत्री ने अधिकारियों को तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए।
बिजली व्यवस्था सुधारने के दिए सख्त निर्देश
बैठक में पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के निदेशक N.K. Mishra, मुख्य अभियंता Pawan Kumar Gupta और Manoj Kumar Yadav समेत विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नगर की जर्जर बिजली व्यवस्था को सुधारने के लिए तत्काल प्रभाव से ठोस कार्रवाई शुरू की जाए।
उन्होंने विशेष रूप से तीनों सब-डिवीजनों को डबल करने की प्रक्रिया में तेजी लाने, ट्रांसफार्मरों की फेजिंग सुधारने, पुराने तार बदलने और ओवरलोडिंग की समस्या खत्म करने पर जोर दिया।
छह महीने में मांगी विस्तृत कार्ययोजना
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आगामी छह माह के भीतर शहर की बिजली व्यवस्था सुधारने के लिए विस्तृत और प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए।
उन्होंने कहा कि योजना केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उसमें तकनीकी सुधार और दीर्घकालिक समाधान के स्पष्ट उपाय शामिल होने चाहिए।
मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता सुधारने और उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए समयबद्ध तरीके से कार्य पूरे किए जाएं।
व्यापारियों ने उठाईं बिजली समस्याएं
बैठक के दौरान स्थानीय व्यापारियों और उद्यमियों ने बिजली व्यवस्था से जुड़ी कई समस्याएं मंत्री के सामने रखीं।
व्यापारियों ने लगातार बिजली कटौती, लो-वोल्टेज, जर्जर लाइनों, ट्रांसफार्मरों की कमी और अत्यधिक लोड जैसी समस्याओं को लेकर नाराजगी जताई।
उन्होंने कहा कि खराब बिजली व्यवस्था का असर उद्योगों, व्यापार और आम नागरिकों पर पड़ रहा है।
इस पर मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का तय समयसीमा में समाधान सुनिश्चित किया जाए।
“जेई ने फोन नहीं उठाया तो शासन को लिखूंगा”
बैठक के दौरान मंत्री कपिल देव अग्रवाल का सबसे सख्त बयान तब सामने आया जब उन्होंने अधिकारियों की कार्यशैली पर नाराजगी जाहिर की।
उन्होंने कहा कि यदि किसी क्षेत्र का जूनियर इंजीनियर (JE) जनता या जनप्रतिनिधियों का फोन नहीं उठाएगा तो वह स्वयं शासन को पत्र लिखकर उसके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति करेंगे।
मंत्री के इस बयान के बाद बैठक में मौजूद अधिकारियों के बीच हलचल दिखाई दी।
उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं को नजरअंदाज करने वाले अधिकारियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
जवाबदेही तय करने के निर्देश
मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि बिजली संबंधी शिकायतों के निस्तारण में स्पष्ट जवाबदेही तय की जाए।
उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में यदि लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रदेश सरकार की प्राथमिकता नागरिकों और उद्योगों को भरोसेमंद और गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराना है।
समीक्षा बैठक में बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद
इस समीक्षा बैठक में शहर के कई प्रमुख व्यापारी और उद्योगपति भी मौजूद रहे।
बैठक में Ankit Singhal, Rahul Mittal, Abhishek Agrawal, Ankur Garg, Vipul Bhatnagar सहित बड़ी संख्या में व्यापारी और उद्यमी शामिल हुए।
व्यापारियों ने उम्मीद जताई कि प्रशासन और सरकार की इस पहल से शहर की बिजली व्यवस्था में सुधार देखने को मिलेगा।
स्थायी सुधार पर रहेगा फोकस
मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि यह बैठक केवल औपचारिक समीक्षा नहीं बल्कि परिणाम देने वाली पहल है।
उन्होंने कहा कि उद्देश्य केवल अस्थायी राहत देना नहीं बल्कि बिजली व्यवस्था में स्थायी सुधार लाना है ताकि भविष्य में लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
अधिकारियों को सभी कार्यों की नियमित प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
