ब्यूरो: कबीर
मुजफ्फरनगर में पड़ रही भीषण गर्मी को देखते हुए प्रशासन ने गौशालाओं में निराश्रित गोवंश की देखभाल और सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। इन्हीं व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी Jitendra Gupta शुक्रवार को स्वयं निरीक्षण पर पहुंचे।
उन्होंने बघरा स्थित निराश्रित गौ आश्रय स्थल और बुढीना कला वृहद गौ संरक्षण केंद्र का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं को परखा। निरीक्षण के दौरान गौशालाओं में चारा, पानी और साफ-सफाई की स्थिति का जायजा लिया गया।
अधिकारियों के अनुसार गर्मी के मौसम में गोवंश को राहत देने के लिए अतिरिक्त सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं ताकि किसी भी पशु को परेशानी का सामना न करना पड़े।
पंखे और ग्रीन नेट से गर्मी से बचाव
निरीक्षण के दौरान बुढीना कला गौशाला में गर्मी से बचाव के लिए लगाए गए पंखों और ग्रीन नेट की व्यवस्था विशेष रूप से देखी गई।
अधिकारियों ने पाया कि तेज धूप और गर्म हवाओं से बचाने के लिए गोवंश के रहने वाले स्थानों पर पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं।
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने संबंधित कर्मचारियों को निर्देश दिए कि गर्मी को देखते हुए पशुओं की लगातार निगरानी की जाए और किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तुरंत उपचार उपलब्ध कराया जाए।
भूसा और हरा चारा पर्याप्त मात्रा में मिला
निरीक्षण के दौरान दोनों गौशालाओं में भूसा, हरा चारा और रातब पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध पाया गया।
अधिकारियों ने गोवंश की स्वास्थ्य स्थिति की भी जांच की, जिसमें सभी पशु स्वस्थ मिले।
प्रशासन का कहना है कि गर्मी के मौसम में पौष्टिक आहार और पर्याप्त पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है, इसलिए इस पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
वर्मी कम्पोस्ट निर्माण कार्य का भी लिया जायजा
सीवीओ डॉ. जितेन्द्र गुप्ता ने बुढीना कला गौशाला में चल रहे वर्मी कम्पोस्ट निर्माण कार्य का भी निरीक्षण किया।
उन्होंने पशु चिकित्सा अधिकारी Sudhi Srivastava को निर्देश दिए कि ग्राम पंचायत अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर तैयार की जा रही खाद के विक्रय संबंधी अभिलेख सुरक्षित रखे जाएं।
उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड व्यवस्थित रखने से भविष्य में किसी भी प्रकार की अनियमितता से बचा जा सकेगा और कार्य में पारदर्शिता बनी रहेगी।
गोवंश को दिन में कई बार पानी देने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान केयरटेकरों को विशेष निर्देश दिए गए कि भीषण गर्मी के चलते गोवंश को दिन में चार से पांच बार स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाए।
अधिकारियों ने कहा कि गर्मी के मौसम में पानी की कमी पशुओं के स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकती है, इसलिए नियमित रूप से पानी उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है।
इसके साथ ही गौशालाओं में साफ-सफाई बनाए रखने और समय-समय पर निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए गए।
साफ-सफाई की व्यवस्था मिली संतोषजनक
निरीक्षण के दौरान गौशालाओं में साफ-सफाई की स्थिति संतोषजनक पाई गई।
प्रशासन का कहना है कि गौशालाओं में स्वच्छ वातावरण बनाए रखना पशुओं को बीमारियों से बचाने के लिए जरूरी है।
अधिकारियों ने कर्मचारियों को निर्देश दिए कि नियमित सफाई और स्वास्थ्य जांच की प्रक्रिया जारी रखी जाए ताकि गोवंश को सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण मिल सके।
लापरवाही पर होगी कार्रवाई
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने स्पष्ट कहा कि गर्मी के मौसम में गोवंश की देखभाल को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि प्रशासन लगातार गौशालाओं की निगरानी कर रहा है और जहां भी कमी मिलेगी वहां तत्काल सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।
प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भीषण गर्मी के दौरान निराश्रित गोवंश को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
