रिपोर्ट: सुदेश वर्मा
बागपत जनपद के बड़ौत क्षेत्र में पुलिस और स्वाट टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध शस्त्र फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। संयुक्त छापेमारी के दौरान पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि मौके से भारी मात्रा में बने-अधबने हथियार, कारतूस और हथियार बनाने के उपकरण बरामद किए गए हैं।
पुलिस का मानना है कि यह गिरोह लंबे समय से अवैध हथियार तैयार कर अलग-अलग क्षेत्रों में सप्लाई कर रहा था। बरामद हथियारों और उपकरणों की संख्या को देखते हुए मामला बेहद गंभीर माना जा रहा है।
“ऑपरेशन शस्त्र” के तहत बड़ी कार्रवाई
जनपद में अपराध और अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सुरज कुमार राय के निर्देशन में की गई।
पुलिस को सूचना मिली थी कि थाना बड़ौत क्षेत्र में गुप्त रूप से अवैध हथियार बनाने का काम चल रहा है। सूचना मिलते ही थाना बड़ौत पुलिस और स्वाट टीम को सक्रिय किया गया।
संयुक्त टीम ने योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी की और मौके से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया।
भारी मात्रा में हथियार और कारतूस बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बड़ी संख्या में अवैध हथियार बरामद किए।
बरामदगी में 13 अवैध तमंचे .315 बोर, पांच अवैध तमंचे 12 बोर, दो अवैध बंदूक 12 बोर, दो जिंदा कारतूस .315 बोर और पांच खोखा कारतूस शामिल हैं।
इसके अलावा छह अधबनी नालें और हथियार तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण भी मौके से जब्त किए गए हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार बरामद सामान को देखकर साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि यहां लंबे समय से बड़े स्तर पर अवैध हथियार बनाने का काम चल रहा था।
तीन आरोपी गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सलीम पुत्र नूर मोहम्मद निवासी ग्राम करनावल थाना सरूरपुर मेरठ, फरमान पुत्र मेहरबान और शोएब पुत्र मेहरबान निवासी ग्राम पांची थाना चांदीनगर के रूप में हुई है।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों से नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि जांच का मुख्य फोकस इस बात पर है कि यह गिरोह तैयार हथियार किन क्षेत्रों में सप्लाई करता था और इसके पीछे कौन-कौन लोग सक्रिय हैं।
आरोपी का आपराधिक इतिहास भी सामने आया
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी सलीम का पहले से आपराधिक इतिहास रहा है।
उसके खिलाफ वर्ष 2015 में भी आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया जा चुका है। पुलिस अब उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और संपर्कों की भी जांच कर रही है।
अधिकारियों का मानना है कि गिरोह के तार अन्य जिलों या राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं।
हथियार सप्लाई नेटवर्क की जांच शुरू
गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि अवैध हथियारों की सप्लाई किन लोगों तक की जा रही थी और क्या इनका इस्तेमाल आपराधिक घटनाओं में भी किया गया है।
इसके साथ ही बरामद हथियारों की फॉरेंसिक जांच भी कराई जाएगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि उनका उपयोग पहले किसी वारदात में हुआ है या नहीं।
आयुध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ थाना बड़ौत में मुकदमा संख्या 323/26 धारा 3/5/25 आयुध अधिनियम के तहत केस दर्ज कर लिया है।
तीनों आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है और पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
पुलिस टीम की कार्रवाई की सराहना
इस पूरी कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक दीक्षित कुमार त्यागी, स्वाट टीम प्रभारी रंजीत कुमार समेत थाना बड़ौत और स्वाट टीम के कई पुलिसकर्मी शामिल रहे।
वरिष्ठ अधिकारियों ने संयुक्त टीम की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि अपराध और अवैध हथियारों के खिलाफ अभियान आगे भी इसी तरह जारी रहेगा।
अवैध हथियार रखने वालों को चेतावनी
पुलिस अधिकारियों ने आम लोगों से अपील की है कि अवैध हथियारों का प्रयोग और सार्वजनिक प्रदर्शन न करें।
उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के पास अवैध हथियार पाए जाते हैं या उनका गलत इस्तेमाल किया जाता है, तो उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने लोगों से यह भी अपील की कि यदि कहीं अवैध हथियारों के निर्माण या बिक्री की सूचना मिले तो तुरंत पुलिस को जानकारी दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
