श्रावस्ती | यूपी
श्रावस्ती जनपद में कृषि क्षेत्र से जुड़े युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खुलने जा रहे हैं। वर्ष 2026-27 के अंतर्गत संचालित “प्रशिक्षित कृषि उद्यमी स्वावलम्बन योजना” के तहत जिले में 5 एग्रीजंक्शन केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इस योजना के माध्यम से कृषि स्नातकों और कृषि व्यवसाय प्रबंधन से जुड़े युवाओं को स्वरोजगार का अवसर मिलेगा।
कृषि विभाग ने योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है और पात्र अभ्यर्थियों से ऑनलाइन आवेदन मांगे हैं।
कृषि स्नातक होंगे पात्र
योजना के तहत कृषि स्नातक एवं कृषि व्यवसाय प्रबंधन स्नातक आवेदन कर सकेंगे।
अधिकारियों के अनुसार आवेदन पत्रों की जांच और छंटनी जिला स्तरीय समिति द्वारा की जाएगी, जिसके बाद पात्र उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा।
आयु सीमा तय
योजना में आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों की अधिकतम आयु 40 वर्ष निर्धारित की गई है।
हालांकि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिला अभ्यर्थियों को आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट प्रदान की जाएगी।
अपने ही विकासखंड में कर सकेंगे आवेदन
कृषि विभाग के अनुसार आवेदक अपने ही विकासखंड में एग्रीजंक्शन केंद्र के लिए आवेदन कर सकेंगे।
इसका उद्देश्य स्थानीय स्तर पर कृषि सेवाओं को बढ़ावा देना और युवाओं को अपने क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराना है।
केवल ऑनलाइन आवेदन होंगे मान्य
विभाग ने स्पष्ट किया है कि आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे।
इच्छुक अभ्यर्थियों को विभागीय वेबसाइट पर जाकर आवेदन प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
ऑनलाइन आवेदन करते समय अभ्यर्थियों को कई आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे।
इनमें आधार कार्ड, शैक्षिक प्रमाणपत्र, पैन कार्ड, बैंक पासबुक और अन्य जरूरी अभिलेख शामिल हैं।
30 मई तक कर सकते हैं आवेदन
योजना के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 30 मई 2026 निर्धारित की गई है।
कृषि विभाग ने पात्र युवाओं से समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी करने की अपील की है।
उप कृषि निदेशक ने की अपील
उप कृषि निदेशक सुरेश चन्द्र चौधरी ने बेरोजगार कृषि स्नातकों से योजना का लाभ उठाने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि यह योजना कृषि क्षेत्र में स्वरोजगार को बढ़ावा देने और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ेगा कृषि सेवाओं का दायरा
अधिकारियों का कहना है कि एग्रीजंक्शन केंद्र खुलने से किसानों को कृषि सलाह, बीज, उर्वरक और आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेगी।
इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और कृषि आधारित सेवाओं को भी मजबूती मिलेगी।

