Monday, May 11, 2026

Top 5 This Week

Related Posts

फर्जी अस्पतालों पर स्वास्थ्य विभाग का शिकंजा, खतौली में क्लिनिक और लैब सील

Spread the love

मुज़फ्फरनगर | ब्यूरो – कबीर

मुज़फ्फरनगर जनपद में बिना पंजीकरण संचालित हो रहे क्लिनिक, नर्सिंग होम और पैथोलॉजी लैब के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। रविवार को खतौली क्षेत्र में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान कई ऐसे संस्थान पकड़े गए जो बिना वैध अनुमति और जरूरी दस्तावेजों के स्वास्थ्य सेवाएं संचालित कर रहे थे।

जांच में अनियमितताएं मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने संबंधित क्लिनिक और लैब को सील कर दिया, जिससे अवैध रूप से संचालित संस्थानों में हड़कंप मच गया।

डीएम और सीएमओ के निर्देश पर चला अभियान

यह कार्रवाई जिलाधिकारी उमेश मिश्रा और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया के निर्देश पर की गई।

विशेष जांच अभियान के तहत ब्लॉक प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. अवनीश कुमार सिंह अपनी टीम के साथ खतौली क्षेत्र में पहुंचे और क्लिनिक, अस्पतालों तथा पैथोलॉजी लैब की गहन जांच की।

जांच में सामने आईं अनियमितताएं

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने संस्थानों के संचालकों से वैध पंजीकरण, चिकित्सकीय योग्यता और अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा।

जांच के दौरान कई संचालक आवश्यक अभिलेख और शैक्षिक योग्यता संबंधी प्रमाण पत्र नहीं दिखा सके। अधिकारियों को मौके पर वैध पंजीकरण संबंधी दस्तावेज भी नहीं मिले।

क्लिनिक और लैब किए गए सील

अनियमितताएं मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने नियमानुसार संबंधित संस्थानों को नोटिस जारी करते हुए क्लिनिक और लैब को सील कर दिया।

अधिकारियों का कहना है कि बिना पंजीकरण स्वास्थ्य सेवाएं संचालित करना नियमों का गंभीर उल्लंघन है और इससे मरीजों की जान खतरे में पड़ सकती है।

अवैध संचालकों में मचा हड़कंप

स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध रूप से चल रहे क्लिनिक संचालकों में हड़कंप का माहौल देखा गया।

सूत्रों के अनुसार कई संचालकों ने जांच अभियान की सूचना मिलते ही अपने संस्थान बंद कर दिए।

“मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं”

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जनपद में बिना पंजीकरण चल रहे अस्पतालों, क्लिनिकों और लैब के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

अधिकारियों ने कहा कि मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर फोकस

प्रशासन का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि आम जनता को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना भी है।

जनपद में स्वास्थ्य विभाग अब ऐसे संस्थानों की सूची तैयार कर रहा है जो बिना मानकों के संचालित हो रहे हैं, ताकि भविष्य में भी नियमित जांच और कार्रवाई जारी रखी जा सके।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles