Monday, May 11, 2026

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लोन और नौकरी दिलाने के नाम पर साइबर ठगी का बड़ा खुलासा: मुजफ्फरनगर पुलिस ने दो शातिर दबोचे

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मुजफ्फरनगर | ब्यूरो – कबीर

मुजफ्फरनगर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने बेरोजगार युवाओं और जरूरतमंद लोगों को सस्ते लोन और नौकरी का झांसा देकर ठगी करने वाले बड़े साइबर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो फर्जी फाइनेंस कंपनियों और नकली वेबसाइटों के जरिए लोगों से लाखों रुपये की ठगी कर रहे थे।पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से पांच मोबाइल फोन और कई सिम कार्ड बरामद किए हैं। शुरुआती जांच में करीब पांच लाख रुपये से अधिक की साइबर ठगी का खुलासा हुआ है, जबकि देशभर के 16 राज्यों से इस गिरोह के खिलाफ शिकायतें सामने आई हैं।गृह मंत्रालय के “प्रतिबिंब” पोर्टल से खुला मामलापुलिस के अनुसार इस साइबर गिरोह का खुलासा गृह मंत्रालय भारत सरकार के “प्रतिबिंब” पोर्टल पर संदिग्ध मोबाइल नंबरों और IMEI की जांच के दौरान हुआ।जांच में पता चला कि आरोपी फर्जी कॉल कर लोगों को हाउस लोन, एजुकेशन लोन और पर्सनल लोन दिलाने का झांसा देते थे। इसके अलावा बेरोजगार युवाओं को फाइनेंस कंपनियों में नौकरी दिलाने के नाम पर फाइल चार्ज और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर रकम वसूली जाती थी।दो आरोपी गिरफ्तारथाना साइबर क्राइम प्रभारी निरीक्षक कर्मवीर सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए खतौली निवासी शाह आलम उर्फ राजीव शर्मा उर्फ प्रदीप और हापुड़ निवासी संगीत कुमार उर्फ राहुल चौधरी उर्फ मनोज को गिरफ्तार किया।पूछताछ में दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे शोएब और फुरकान नामक अपने साथियों के निर्देश पर यह साइबर फ्रॉड चला रहे थे।फर्जी कंपनियों और वेबसाइटों का इस्तेमालपुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने लोगों को धोखा देने के लिए “SNEH BANDHAN FINANCE PRIVATE LIMITED”, “UMANGONE” और “Capital Finance Company” के नाम से फर्जी कंपनियां बना रखी थीं।लोगों को भरोसे में लेने के लिए नकली अप्रूवल लेटर, सैनक्शन लेटर, जॉइनिंग लेटर और नियुक्ति पत्र भेजे जाते थे। इसके लिए उन्होंने “snehbandhanservices.com” और “umangone.in” जैसी वेबसाइट भी तैयार कर रखी थीं, ताकि लोग उन्हें असली कंपनी समझकर झांसे में आ जाएं।16 राज्यों से मिली शिकायतेंसाइबर थाना पुलिस के मुताबिक “प्रतिबिंब” पोर्टल पर आरोपियों के खिलाफ देश के अलग-अलग राज्यों से अब तक 16 साइबर अपराध की शिकायतें दर्ज मिली हैं।पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में करीब पांच लाख रुपये से अधिक की ठगी सामने आई है, लेकिन जांच आगे बढ़ने के साथ रकम और बढ़ सकती है। पुलिस अन्य बैंक खातों और लेनदेन की भी जांच कर रही है।50 प्रतिशत मुनाफे का लालचपूछताछ में आरोपी संगीत कुमार ने पुलिस को बताया कि गिरोह के सरगना शोएब ने उसे 50 प्रतिशत मुनाफे का लालच देकर अपने साथ जोड़ा था।गिरोह के सदस्य बैंक खाते, सिम कार्ड और मोबाइल फोन उपलब्ध कराते थे। अधिकांश सिम दिल्ली से एक्टिवेट होकर आते थे और उनका इस्तेमाल साइबर ठगी के लिए किया जाता था।आईटी एक्ट और बीएनएस की धाराओं में मुकदमा दर्जपुलिस ने आरोपियों के खिलाफ थाना साइबर क्राइम में बीएनएस की धारा 318(4), 336, 338 तथा आईटी एक्ट की धारा 66C और 66D के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।फिलहाल फरार आरोपी शोएब और फुरकान की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।साइबर अपराध को लेकर पुलिस की अपीलपुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, वेबसाइट या सोशल मीडिया विज्ञापन के जरिए लोन या नौकरी के नाम पर मांगी जा रही रकम जमा न करें।विशेषज्ञों का कहना है कि साइबर ठग अक्सर लोगों की जरूरत और बेरोजगारी का फायदा उठाकर उन्हें झांसे में लेते हैं। इसलिए किसी भी वित्तीय संस्था या नौकरी से जुड़े प्रस्ताव की पहले पूरी जांच-पड़ताल करना जरूरी है।मुजफ्फरनगर पुलिस की इस कार्रवाई को साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बढ़ती सुविधाओं के साथ साइबर सतर्कता भी उतनी ही जरूरी हो गई है।

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