रिपोर्ट – कबीर

मुजफ्फरनगर। सोशल मीडिया पर युवती के जरिए दोस्ती कर युवक को मिलने के बहाने बुलाना, फिर रास्ते में कार से टक्कर मारकर अगवा करना और बाग में ले जाकर मारपीट कर लूटपाट करना… रामराज थाना क्षेत्र में सामने आए इस सनसनीखेज कांड का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। थाना रामराज पुलिस और एसओजी देहात टीम ने गुरुवार को इस मामले में वांछित तीन बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त स्विफ्ट कार, बाइक, एटीएम कार्ड, नकदी, अवैध पिस्टल और चाकू बरामद किए हैं।

पुलिस के मुताबिक 4 मई को पीड़ित तालिब के भाई ने थाना रामराज में तहरीर देकर बताया था कि उसका भाई स्कूटी से जा रहा था, तभी ग्राम हाशमपुर ओवरब्रिज के पास कार सवार युवकों ने स्कूटी में टक्कर मारकर उसे गिरा दिया। इसके बाद बदमाश उसे जबरन कार में डालकर मुझेडा गांव के एक बाग में ले गए, जहां मारपीट कर नगदी लूट ली और एटीएम कार्ड का पिन पूछकर खाते से 20 हजार रुपये निकाल लिए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी के निर्देश पर थाना रामराज पुलिस और एसओजी देहात की संयुक्त टीम गठित की गई थी। इससे पहले पुलिस इस मामले में नईम, अनस, सुमित सैनी और एक युवती को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। गुरुवार को पुलिस ने टिकौला गंगनहर पुल से तीन और आरोपियों शाहरूख, शमरेज और अरमान को दबोच लिया।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी शमरेज की कार करीब तीन माह पहले पीड़ित के भाई समीर ने पुलिस से पकड़वा दी थी। इसी रंजिश में आरोपियों ने पूरी साजिश रची। शमरेज की प्रेमिका ने सोशल मीडिया पर तालिब से बातचीत शुरू की और उसे मिलने के लिए बहसूमा बुलाया। जैसे ही वह वहां पहुंचने निकला, पीछे से आ रही स्विफ्ट कार में सवार बदमाशों ने उसकी स्कूटी में टक्कर मार दी और उसे अगवा कर लिया।
आरोपियों ने तालिब को संभलहेड़ा जंगल स्थित आम के बाग में ले जाकर पिस्टल के बल पर धमकाया, एटीएम कार्ड और नकदी लूट ली। इतना ही नहीं, बदमाशों ने युवक की पिस्टल के साथ वीडियो भी बनाई और धमकी दी कि अगर उसने पुलिस या परिवार को बताया तो वीडियो वायरल कर देंगे।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त स्विफ्ट कार नंबर DL5CS3461, टीवीएस राइडर बाइक, पीड़ित का एटीएम और पैन कार्ड, 3150 रुपये नगद, 32 बोर की अवैध पिस्टल, दो जिंदा कारतूस और दो अवैध चाकू बरामद किए हैं।
इस पूरी कार्रवाई को क्षेत्राधिकारी जानसठ सुश्री ऋषिका सिंह, थानाध्यक्ष ज्ञानेन्द्र सिरोही और एसओजी प्रभारी मोहित चौधरी के नेतृत्व में अंजाम दिया गया। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक इतिहास खंगालने में जुटी है।

