रिपोर्ट – कबीर

मुजफ्फरनगर। समाजवादी पार्टी ने आगामी 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर जनहित के मुद्दों पर सियासी धार तेज कर दी है। जिला कार्यालय पर आयोजित मासिक बैठक में पार्टी नेताओं ने जहां राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की घोषणाओं को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया, वहीं महंगाई, बिजली और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर भाजपा सरकार को घेरते हुए आंदोलन की रणनीति भी तैयार की।
जिलाध्यक्ष ज़िया चौधरी एडवोकेट की अध्यक्षता और जिला महासचिव सोमपाल सिंह कोरी के संचालन में हुई बैठक में सपा नेताओं ने एक सुर में कहा कि पार्टी द्वारा किए गए वादे सीधे तौर पर आम जनता, किसानों और महिलाओं को राहत देने वाले हैं। जिलाध्यक्ष ने कहा कि 2027 में सपा सरकार बनने पर 24 घंटे के भीतर गन्ना भुगतान के लिए 15 हजार करोड़ रुपये का फंड, किसानों की कर्जमाफी, महिलाओं को सालाना 40 हजार रुपये, 300 यूनिट मुफ्त बिजली और स्मार्ट मीटर की अनिवार्यता खत्म करने जैसे फैसले जनता के लिए बड़ी राहत साबित होंगे। उन्होंने कहा कि इन घोषणाओं को नगर और ब्लॉक स्तर पर सभाओं के जरिए घर-घर पहुंचाया जाएगा।
बैठक में प्रदेश सचिव चौधरी इलम सिंह गुर्जर और महानगर अध्यक्ष बॉबी त्यागी ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम 993 रुपये और 5 किलो सिलेंडर पर 261 रुपये की बढ़ोतरी को जनविरोधी बताते हुए उन्होंने इसके खिलाफ सड़कों पर उतरने का प्रस्ताव रखा। साथ ही स्मार्ट मीटर को लेकर जनता में बढ़ते असंतोष को भी बड़ा मुद्दा बताते हुए आंदोलन की चेतावनी दी।
जिला मीडिया प्रभारी साजिद हसन और कोषाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह नीटू ने पुलिस-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी चरम पर है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना लेन-देन के आम जनता का काम नहीं हो रहा, जिसके खिलाफ भी व्यापक आंदोलन छेड़ा जाएगा।
बैठक के दौरान कई वरिष्ठ कार्यकर्ताओं और उनके परिजनों के निधन पर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई। इस मौके पर सपा सांसद हरेंद्र मलिक के पुत्र निशांत मलिक, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य तहसीन मंसूरी, जिला उपाध्यक्ष चौधरी ओमपाल सिंह, रमेशचंद शर्मा, अतहर हसन, रविकांत त्यागी, कपिल मलिक, राशिद मलिक, पूजा अनिल अंबेडकर, मौलाना मोहम्मद नज़र, सचिन पाल, कुंवर शोएब राणा, नवाब इम्तियाज़ कुरैशी सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

