रिपोर्ट – कबीर

मुजफ्फरनगर। सोशल मीडिया पर दोस्ती कर युवती को झांसे में लेने, फिर खुद को CBI और कस्टम अधिकारी बताकर डराने-धमकाने तथा करीब पांच लाख रुपये की अवैध वसूली करने वाले गिरोह का शाहपुर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने एक महिला समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से नकदी, मोबाइल फोन, डेबिट कार्ड, फर्जी आईडी कार्ड और फर्जी सर्च वारंट की कॉपी बरामद की है।
थाना शाहपुर क्षेत्र निवासी पीड़िता इकरा पुत्री हारून ने चार अप्रैल को पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि MOJ एप के जरिए उसकी पहचान हिदायतुल्लाह खान नामक युवक से हुई थी। बातचीत के दौरान आरोपी ने भरोसा जीत लिया और फिर कथित तौर पर गिफ्ट भेजने का झांसा दिया। इसके बाद अलग-अलग नंबरों से कॉल कर खुद को कस्टम और CBI अधिकारी बताया गया तथा फर्जी कार्रवाई का डर दिखाकर युवती और उसके परिजनों से कई किश्तों में करीब पांच लाख रुपये ऐंठ लिए गए।
मामले को गंभीरता से लेते हुए शाहपुर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर सर्विलांस टीम के साथ जांच शुरू की। रविवार को मुखबिर की सूचना पर हजूरनगर मार्ग से एक महिला और एक पुरुष आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए पीड़िता से संपर्क किया था। पहले युवती को बहन बनाकर विश्वास में लिया गया, फिर गिफ्ट भेजने का बहाना बनाकर जाल बिछाया गया। बाद में फर्जी अधिकारी बनकर उसे ब्लैकमेल किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रोजी निवासी हजरत निजामुद्दीन, दिल्ली तथा मंसूर अहमद निवासी बिजनौर हाल निवासी दक्षिणी दिल्ली के रूप में हुई है। इनके कब्जे से तीन डेबिट कार्ड, तीन मोबाइल फोन, एक फर्जी आईडी कार्ड, फर्जी सर्च वारंट की छायाप्रति, बैंक पासबुक, चेकबुक तथा 2,00,760 रुपये नकद बरामद किए गए हैं।
पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों के आगे-पीछे के नेटवर्क की जांच की जा रही है। आशंका है कि इन्होंने अन्य लोगों को भी इसी तरह निशाना बनाया है। गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश तेज कर दी गई है।
शाहपुर थाना प्रभारी गजेन्द्र सिंह के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई को साइबर ठगों के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है।

