रिपोर्ट – कबीर

मुजफ्फरनगर। जनकपुरी की झुग्गी-झोपड़ी बस्ती में उस वक्त एक नई उम्मीद ने जन्म लिया, जब प्रदेश सरकार में मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने शिक्षा को लेकर ऐसा कदम उठाया, जिसने न सिर्फ बच्चों के चेहरे पर मुस्कान ला दी, बल्कि उनके भविष्य की दिशा भी बदलने की शुरुआत कर दी।
दरअसल, 14 अप्रैल को भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर प्रतिमा पर माल्यार्पण के दौरान मंत्री कपिल देव अग्रवाल जब बस्ती के बच्चों से रूबरू हुए, तो यह जानकर भावुक हो उठे कि कई मासूम आज भी स्कूल की दहलीज तक नहीं पहुंच पाए हैं। यह पीड़ा उनके दिल को छू गई और यहीं से एक संकल्प ने आकार लिया।

बिना देर किए 15 अप्रैल को ही सभी बच्चों का स्कूल में नामांकन सुनिश्चित कराया गया। इसके बाद 16 अप्रैल को मंत्री खुद जनकपुरी (निकट बिजलीघर) पहुंचे और अधिकारियों के साथ मिलकर बच्चों को नहला-धुलाकर स्कूल तक ले गए। इतना ही नहीं, बच्चों को ड्रेस, स्कूल बैग और किताबें भी वितरित की गईं। पहली बार स्कूल जाने की खुशी बच्चों के चेहरे पर साफ झलक रही थी, जो इस पहल की सबसे बड़ी सफलता बन गई।
इस मौके पर मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने साफ शब्दों में कहा कि झुग्गियों में रहने वाला हर बच्चा भी बड़े सपने देखने का हकदार है और सरकार की जिम्मेदारी है कि उन सपनों को साकार करने का रास्ता तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि शिक्षा सिर्फ पढ़ाई नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने का सबसे सशक्त माध्यम है।
मंत्री ने अधिकारियों को क्षेत्र में एक प्राथमिक विद्यालय के निर्माण के निर्देश भी दिए, ताकि आने वाले समय में कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रह जाए।
जनकपुरी की इस बस्ती में जली शिक्षा की यह लौ अब दूर तक रोशनी फैलाने का काम करेगी। यह पहल न केवल सरकारी जिम्मेदारी का उदाहरण है, बल्कि समाज के लिए भी एक संदेश है कि अगर इच्छाशक्ति हो, तो हर बच्चे के हाथ में किताब और आंखों में सपने दिए जा सकते हैं।

