रिपोर्ट – कबीर

मुजफ्फरनगर। मुज़फ़्फ़रनगर के खतौली क्षेत्र से इंसानियत को कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां दहेज की भूख ने एक हंसती-खेलती जिंदगी को बर्बादी के कगार पर ला खड़ा किया। आरोप है कि लाखों रुपये की मांग पूरी न होने पर ससुराल वालों ने न सिर्फ विवाहिता को प्रताड़ित किया, बल्कि बेरहमी से मारपीट कर उसकी कोख तक उजाड़ दी।
दरअसल, पूरा मामला छपार थाना क्षेत्र से जुड़ा है, जहां एक बेबस पिता ने अपनी बेटी के साथ हुई हैवानियत की दास्तां सुनाई। पिता का कहना है कि उसकी बेटी, जो कभी कुश्ती की खिलाड़ी रही, उसकी शादी बड़े अरमानों के साथ खतौली में की गई थी। लेकिन शादी के कुछ समय बाद ही ससुराल पक्ष ने असली रंग दिखाना शुरू कर दिया।
पीड़िता के पति ने विदेश जाने के नाम पर करीब 50 लाख रुपये की भारी भरकम दहेज की मांग रख दी। जब परिवार इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थ रहा, तो बेटी को गालियां, ताने और मारपीट का सिलसिला शुरू हो गया। कई बार बिरादरी में समझौते की कोशिश हुई, लेकिन लालच की आग बुझने का नाम नहीं ले रही थी।
आरोप है कि चार महीने की गर्भवती महिला को बेरहमी से पीटा गया, जिसके बाद उसकी हालत गंभीर हो गई। पहले स्थानीय अस्पताल और फिर मुज़फ़्फ़रनगर रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने बताया कि गर्भ में पल रहा बच्चा नहीं बच सका। इस घटना ने परिवार को अंदर तक झकझोर कर रख दिया है।
पीड़िता का आरोप है कि उसने कई बार पुलिस से मदद की गुहार लगाई, लेकिन हर बार उसे नजरअंदाज कर दिया गया। पिछले कई दिनों से वह महिला चिकित्सालय में भर्ती है, लेकिन ससुराल पक्ष से कोई हालचाल तक लेने नहीं आया।
अब पीड़िता और उसका परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है। वहीं राष्ट्रीय लोकदल महिला विंग की जिलाध्यक्ष बबीता राठी ने भी मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि अगर दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो वह उच्च अधिकारियों से मिलकर निष्पक्ष जांच की मांग करेंगी।
इस घटना ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर कब तक बेटियां दहेज की भेंट चढ़ती रहेंगी और जिम्मेदार सिस्टम कब जागेगा?

