रिपोर्ट – कबीर

मुजफ्फरनगर। जनपद में लग्जरी गाड़ियों की चोरी कर फर्जी कागजात के सहारे बेचने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का बुढाना पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने गिरोह के दो शातिर सदस्यों को गिरफ्तार करते हुए उनके कब्जे से करीब 1.80 करोड़ रुपये कीमत की तीन फॉर्च्यूनर कारें बरामद की हैं। इस कार्रवाई से वाहन चोरी के संगठित नेटवर्क पर बड़ा प्रहार माना जा रहा है।

रविवार को थाना बुढाना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि एक सक्रिय गिरोह चोरी और फाइनेंस की गाड़ियों को खरीदकर उनके इंजन और चेसिस नंबर बदलकर फर्जी दस्तावेज तैयार करता है और फिर उन्हें बेच देता है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने बुढाना-कांधला मार्ग पर विज्ञाना मार्ग स्थित एक खंडहर में दबिश दी। मौके से दो संदिग्धों को बिना भागने का मौका दिए गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि वहां से तीन फॉर्च्यूनर कारें बरामद हुईं।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आदिल निवासी कुलगाम (कश्मीर) और मनीष निवासी गाजियाबाद/मेरठ के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक बरामद तीनों गाड़ियां दिल्ली के विभिन्न थानों में दर्ज चोरी के मुकदमों से संबंधित हैं और उन पर फर्जी नंबर प्लेट लगाई गई थी।
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि उनका एक संगठित गिरोह है, जिसमें हर सदस्य की भूमिका तय है। कुछ सदस्य वाहन चोरी कर उपलब्ध कराते हैं, जबकि अन्य चेसिस नंबर मिटाकर फर्जी दस्तावेज तैयार करते हैं। इसके बाद ग्राहकों को तलाश कर गाड़ियों को ऊंचे दामों पर बेच दिया जाता है और मुनाफा आपस में बांट लिया जाता है।
प्रभारी निरीक्षक सुभाष अत्री के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई में पुलिस टीम की तत्परता और सटीक सूचना तंत्र की अहम भूमिका रही। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है और उनके आपराधिक नेटवर्क को खंगाल रही है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने इस सराहनीय कार्य के लिए पुलिस टीम को 15 हजार रुपये के नगद पुरस्कार से सम्मानित किया है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही गिरोह के अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार कर इस नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त किया जाएगा।

