Homeराष्ट्रीयदबंगों की धमकी या पुलिस की ढिलाई? किशोरी की मौत पर बवाल

दबंगों की धमकी या पुलिस की ढिलाई? किशोरी की मौत पर बवाल

शव रखकर दो घंटे से ज्यादा सड़क जाम,पुलिस के खिलाफ नारेबाजी,तीन आरोपी गिरफ्तार, बाकी फरार

रिपोर्ट – सोनम यादव

ललितपुर। सतवांसा गांव में 17 वर्षीय किशोरी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे जिले को झकझोर दिया है। घटना के बाद गुस्साए परिजन और ग्रामीण सड़कों पर उतर आए। पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचते ही मुख्य मार्ग पर रखकर करीब दो घंटे से अधिक समय तक जाम लगाया गया। इस दौरान पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई और माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण बना रहा। परिजनों ने साफ कहा कि जब तक सभी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होगी, तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। इस ऐलान के बाद मौके पर भारी भीड़ जुट गई और हालात बिगड़ते चले गए।


पुलिस की शुरुआती कार्रवाई पर सवाल
ग्रामीणों और परिजनों का आरोप है कि 8 अप्रैल को हुए विवाद के बाद आरोपियों ने किशोरी को जान से मारने की धमकी दी थी। इसकी शिकायत पुलिस से की गई, लेकिन पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेने के बजाय सभी आरोपियों का केवल शांति भंग में चालान कर औपचारिक कार्रवाई कर दी।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि उसी समय सख्त कदम उठाए जाते, तो आरोपियों के हौसले नहीं बढ़ते और शायद यह घटना टल सकती थी। यही वजह है कि अब पुलिस की भूमिका भी सवालों के घेरे में है।
दहशत में उठाया आत्मघाती कदम?
बताया जा रहा है कि 9 अप्रैल को दोपहर करीब 2 बजे किशोरी घर से निकली थी। देर शाम तक वापस न लौटने पर परिजनों ने तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बाद उसका शव घर के पास खेत के बगल स्थित कुएं में मिला। इस घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया और पूरे गांव में सनसनी फैल गई। परिजनों का आरोप है कि दबंगों की धमकी और लगातार मानसिक दबाव के चलते ही किशोरी ने यह आत्मघाती कदम उठाया।
नामजद आरोपी और पुलिस कार्रवाई
परिजनों की तहरीर पर नीतेश पुत्र बलराम, निहाल पुत्र बलराम, सौरभ, सचिन निवासी सैदपुर, आनंद पुत्र सुंदर उर्फ चाली निवासी सतवांसा और अनीश निवासी पिपरट को नामजद किया गया है।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 191(2), 351(2), 351(3), 108 बीएनएस तथा पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।
सड़क बनी रणभूमि,आवागमन ठप
पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचते ही परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों के साथ मिलकर उन्होंने सड़क जाम कर दी, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया।
प्रदर्शन के दौरान सभी आरोपियों को गिरफ्तार करो और पुलिस होश में आओ जैसे नारे गूंजते रहे। कई बार स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जिसे संभालने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
भारी पुलिस बल तैनात, अधिकारी मौके पर
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। क्षेत्रीय व प्रशासनिक अधिकारी मौके पर डटे रहे और परिजनों को समझाने का प्रयास करते रहे। हालांकि खबर लिखे जाने तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका था और परिजन अपनी मांगों पर अड़े रहे।
छात्रा थी 11वीं की
मृतक किशोरी सैदपुर के एक इंटर कॉलेज में 11वीं की छात्रा थी। उसकी असमय मौत से पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments