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मंगल पाण्डेय के बलिदान से जगी आज़ादी की लौ, शहीदी दिवस पर गूंजा ‘अंत ही आरम्भ है’ का संदेश

रिपोर्ट – कबीर

मुजफ्फरनगर। सनातन धर्म कॉलेज में 1857 की क्रांति के प्रथम शहीद अमर स्वतंत्रता सेनानी मंगल पाण्डेय का 169वां शहीदी दिवस देशभक्ति और ऐतिहासिक चेतना के साथ मनाया गया। शारीरिक शिक्षा विभाग के तत्वावधान में आयोजित संगोष्ठी में वक्ताओं ने मंगल पाण्डेय के बलिदान को स्वतंत्रता संग्राम की निर्णायक चिंगारी बताते हुए युवाओं को राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा दी।
प्राचार्य प्रो. सुधीर कुमार पुण्डीर के निर्देशन में आयोजित कार्यक्रम में “मंगल पाण्डेय शहीदी दिवस : 1857 की क्रांति” विषय पर विचार रखते हुए मुख्य वक्ता डॉ. प्रमोद कुमार मिश्र ने कहा कि “अंत ही आरम्भ है, और मंगल पाण्डेय के जीवन का अंत ही भारत के स्वतंत्रता संग्राम का प्रारंभ बना।” उन्होंने अपने उद्बोधन में इतिहास के उस क्षण को याद किया जब एक सिपाही के विद्रोह ने अंग्रेजी हुकूमत की नींव हिला दी।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. मिश्र ने मंगल पाण्डेय के जीवन पर आधारित भोजपुरी कविता का भावपूर्ण गायन किया, जिसने पूरे सभागार को देशभक्ति के जज़्बे से सराबोर कर दिया। उनकी प्रस्तुति पर छात्र-छात्राएं और शिक्षकगण भावविभोर हो उठे और वातावरण “भारत माता की जय” के नारों से गूंज उठा।
संगोष्ठी का संयोजन एवं संचालन डॉ. अंशुल शर्मा ने किया, जबकि सह-संयोजन डॉ. कर्मजीत कौर ने संभाला। इस अवसर पर प्रो. नीलिमा सिन्हा, डॉ. विकास वर्मा, प्रो. शुचि अग्रवाल, प्रो. आरुणिमा, डॉ. अरविन पंवार, डॉ. सलीम, डॉ. सुधीर, डॉ. खुश्बू यादव, डॉ. नौशीन फातिमा अंसारी, डॉ. संदीप कुमार, डॉ. नागेंद्र सहित बड़ी संख्या में शिक्षकगण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में सभी ने मंगल पाण्डेय के बलिदान को नमन करते हुए उनके आदर्शों को जीवन में उतारने का संकल्प लिया। यह आयोजन न केवल इतिहास को याद करने का माध्यम बना, बल्कि नई पीढ़ी में राष्ट्रप्रेम की अलख जगाने का भी सशक्त प्रयास साबित हुआ।

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