रिपोर्ट – कबीर

मुजफ्फरनगर। जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने रविवार को कड़ा रुख अपनाते हुए निजी चिकित्सालयों पर औचक निरीक्षण अभियान चलाया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील कुमार तेवतिया के निर्देश पर गठित संयुक्त टीम ने शहर के रुड़की रोड स्थित 8 निजी अस्पतालों की गहन जांच की, जिसमें कई जगह गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
प्रभारी अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक कुमार के नेतृत्व में उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय कुमार, स्टेनो दीपक कुमार व अन्य अधिकारियों की टीम ने एक-एक अस्पताल की व्यवस्थाओं, पंजीकरण और अभिलेखों की बारीकी से पड़ताल की।

निरीक्षण की शुरुआत न्यू लाइफ मेडिकेयर से हुई, जहां अस्पताल आयुर्वेदिक पद्धति में पंजीकृत पाया गया, लेकिन मौके पर कोई मरीज भर्ती नहीं था। दस्तावेजों में खामियां मिलने पर नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया।
आस्था हॉस्पिटल और लोकप्रिय हॉस्पिटल में रविवार के चलते ओपीडी-आईपीडी सेवाएं बंद मिलीं, जबकि मलिक हॉस्पिटल का मुख्य द्वार बंद होने के बावजूद पंजीकरण रिकॉर्ड में सक्रिय दिखाया गया, जिस पर प्रबंधन को नोटिस थमाया गया।
एम. चरक हॉस्पिटल में तीन मरीज भर्ती मिले और चिकित्सक भी मौजूद थे, लेकिन साफ-सफाई व अभिलेखों में कमी मिलने पर कार्रवाई की गई। इंडियन हॉस्पिटल, गैलेक्सी हॉस्पिटल और डिवाइन हॉस्पिटल में भी डॉक्टर मौजूद पाए गए, मगर अभिलेख अधूरे और अपडेट न होने के चलते सभी को नोटिस जारी कर सख्त निर्देश दिए गए।
स्वास्थ्य विभाग ने सभी अस्पताल संचालकों को चेतावनी दी है कि वे अपने दस्तावेज पूर्ण रखें और शासन के मानकों का सख्ती से पालन करें, अन्यथा नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सीएमओ डॉ. तेवतिया ने स्पष्ट किया कि जिले में निजी अस्पतालों की लगातार निगरानी की जा रही है और भविष्य में भी ऐसे औचक निरीक्षण जारी रहेंगे, ताकि मरीजों को बेहतर और सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।

