मुजफ्फरनगर | ब्यूरो – कबीर
मुजफ्फरनगर के चरथावल थाना क्षेत्र में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला हत्याकांड सामने आया है, जहां छोटे भाई ने ही अपने बड़े भाई की बेरहमी से हत्या कर दी। पुलिस ने बिरालसी रजवाहे के पास मिले युवक के शव की गुत्थी सुलझाते हुए आरोपी भाई को गिरफ्तार कर लिया है। हत्या के पीछे शराब, पारिवारिक विवाद और पैतृक संपत्ति को लेकर चल रहा तनाव मुख्य वजह बताया जा रहा है।पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल ईंट का टुकड़ा और घटना में प्रयुक्त बाइक भी बरामद कर ली है। चरथावल पुलिस ने महज दस दिनों के भीतर इस अंधे कत्ल का खुलासा कर आरोपी को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।रजवाहे के पास मिला था युवक का शवपुलिस के अनुसार 29 अप्रैल को बिरालसी रजवाहे के पास एक अज्ञात युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई थी। शव के हाथ पर “दीपक” नाम गुदा हुआ था, जिसके आधार पर पुलिस ने पहचान कराने की कोशिश शुरू की।काफी जांच-पड़ताल और प्रयासों के बाद मृतक की पहचान रूकनपुर निवासी दीपक पुत्र रामपाल के रूप में हुई। इसके बाद परिजनों की तहरीर पर चरथावल थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।सीसीटीवी और तकनीकी जांच से खुला राजएसएसपी के निर्देशन में गठित पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और तकनीकी साक्ष्य जुटाए।जांच के दौरान सामने आया कि घटना वाले दिन दीपक अपने छोटे भाई सचिन के साथ दधेड़ू और पिन्ना क्षेत्र से होते हुए बिरालसी पहुंचा था। पुलिस को शुरू से ही सचिन की गतिविधियां संदिग्ध लग रही थीं।शराब के नशे में था मृतकपुलिस विवेचना में पता चला कि घटना के समय दीपक शराब के नशे में था। इसी स्थिति का फायदा उठाकर आरोपी सचिन उसे रजवाहे के पास खेतों की ओर ले गया।आरोप है कि वहां सचिन ने ईंट से दीपक के चेहरे पर ताबड़तोड़ वार किए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपी वहां से फरार हो गया था।मुखबिर की सूचना पर गिरफ्तारीशुक्रवार को मुखबिर की सूचना पर चरथावल पुलिस ने घिस्सूखेड़ा झाल पुल के पास से आरोपी सचिन को गिरफ्तार कर लिया।पुलिस ने उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त ईंट का टुकड़ा और स्प्लेंडर बाइक नंबर यूपी 12 बीजेड 2852 भी बरामद की।पत्नी से अभद्रता और संपत्ति विवाद बना वजहपूछताछ में आरोपी सचिन ने पुलिस को बताया कि उसका बड़ा भाई दीपक आए दिन शराब पीकर उसकी पत्नी से अभद्र व्यवहार करता था। साथ ही वह पैतृक संपत्ति बेचने का दबाव भी बना रहा था।इन बातों से परेशान होकर उसने अपने भाई की हत्या की साजिश रची और मौका मिलते ही वारदात को अंजाम दे दिया।10 दिन में पुलिस ने किया खुलासाचरथावल थाना प्रभारी सत्यनारायण दहिया के नेतृत्व में पुलिस टीम ने लगातार जांच और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर इस अंधे कत्ल का खुलासा किया।पुलिस टीम में उपनिरीक्षक नंदकिशोर शर्मा, कांस्टेबल राहुल गिरी और तेजेंद्र धामा शामिल रहे। अधिकारियों ने टीम की तत्परता और पेशेवर जांच की सराहना की है।इलाके में चर्चा का विषय बना मामलाघटना सामने आने के बाद पूरे इलाके में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। लोगों का कहना है कि पारिवारिक विवाद और शराब की लत ने एक परिवार को पूरी तरह तबाह कर दिया।विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ते पारिवारिक तनाव, संपत्ति विवाद और नशे की प्रवृत्ति कई बार गंभीर अपराधों को जन्म देती है। मुजफ्फरनगर की यह घटना भी इसी कड़वी सच्चाई को सामने लाती है।

