बिजनौर | रिपोर्ट – राकेश कुमार
उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में शनिवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब थाना नहटौर क्षेत्र के ग्राम फूलसंन्दा स्थित एक कपड़ा कताई कारखाने में भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरे इलाके में धुएं का गुबार फैल गया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि ग्रामीणों के लिए उस पर काबू पाना मुश्किल हो गया।घटना की सूचना मिलते ही फायर स्टेशन की टीम मौके पर पहुंची और घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया। हालांकि तब तक कारखाने में रखा लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो चुका था।अचानक लगी आग से मचा हड़कंपस्थानीय लोगों के अनुसार ग्राम फूलसंन्दा स्थित कपड़ा कताई कारखाने में अचानक आग लग गई। शुरुआत में लोगों ने अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग तेजी से फैलती चली गई।कुछ ही देर में आग की ऊंची-ऊंची लपटें पूरे कारखाने में फैल गईं, जिससे आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी।फायर टीम ने घंटों की मशक्कत के बाद पाया काबूसूचना मिलते ही फायर स्टेशन की टीम दमकल वाहनों के साथ मौके पर पहुंची। फायर कर्मियों ने ग्रामीणों की मदद से आग बुझाने का अभियान शुरू किया।आग इतनी भयंकर थी कि उसे नियंत्रित करने में कई घंटे लग गए। दमकल कर्मियों ने लगातार पानी की बौछार कर किसी तरह आग पर काबू पाया और आसपास के क्षेत्रों में फैलने से रोका।लाखों का सामान जलकर राखआग लगने से कारखाने में रखा कपड़ा, मशीनें और अन्य सामान पूरी तरह जलकर राख हो गया। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार घटना में लाखों रुपये का नुकसान बताया जा रहा है।कारखाना मालिक का नाम इमरान बताया गया है। घटना के बाद कारखाना मालिक और कर्मचारियों में मायूसी का माहौल है।आग लगने के कारणों की जांच शुरूफिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है। आशंका जताई जा रही है कि शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी के चलते आग लगी हो सकती है। हालांकि वास्तविक कारणों का पता जांच के बाद ही चल सकेगा।पुलिस और संबंधित विभागों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और जांच शुरू कर दी है।ग्रामीणों ने दिखाई तत्परताघटना के दौरान स्थानीय ग्रामीणों ने भी आग बुझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। लोगों ने बाल्टियों और पाइपों के जरिए आग पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन आग की भयावहता के कारण सफलता नहीं मिल सकी।ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय पर फायर ब्रिगेड नहीं पहुंचती तो आग आसपास के मकानों और अन्य प्रतिष्ठानों तक भी फैल सकती थी।इलाके में दहशत का माहौलकारखाने में लगी भीषण आग के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बना रहा। आग की ऊंची लपटें और धुएं का गुबार दूर-दूर तक दिखाई दे रहा था।घटना के बाद बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। प्रशासन ने लोगों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की।सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवालइस घटना के बाद औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कारखानों में आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम होने चाहिए ताकि ऐसी घटनाओं में नुकसान को कम किया जा सके।फिलहाल प्रशासन मामले की जांच में जुटा हुआ है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है। बिजनौर के फूलसंन्दा गांव में हुई इस घटना ने एक बार फिर आग सुरक्षा व्यवस्थाओं की अहमियत को सामने ला दिया है।
