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बागपत में हाईवे पर प्रतिबंधित वाहनों का कब्जा: खुलेआम टूट रहे यातायात नियम, हादसों का बढ़ा खतरा

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बागपत | रिपोर्ट – विरेन्द्र तोमर

उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में यातायात व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतरती नजर आ रही है। बड़ौत क्षेत्र के हाईवे और मुख्य मार्गों पर प्रतिबंधित वाहनों की आवाजाही लगातार बढ़ती जा रही है, जिससे सड़क सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि यातायात नियमों का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग और पुलिसकर्मी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे।स्थानीय लोगों का कहना है कि मुख्य चौराहों और व्यस्त मार्गों पर प्रतिबंधित वाहन धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं। इसके बावजूद ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी और ट्रैफिक पुलिस कार्रवाई करने के बजाय अनदेखी कर रही है। लोगों का आरोप है कि यही लापरवाही आए दिन होने वाले सड़क हादसों की बड़ी वजह बन रही है।हाईवे पर बेखौफ दौड़ रहे प्रतिबंधित वाहनबड़ौत क्षेत्र में कई ऐसे वाहन लगातार सड़कों पर देखे जा रहे हैं जिनकी आवाजाही निर्धारित समय या क्षेत्र में प्रतिबंधित होती है। बावजूद इसके ये वाहन मुख्य बाजारों, चौराहों और हाईवे पर बेखौफ होकर गुजर रहे हैं।स्थानीय नागरिकों का कहना है कि भारी वाहन और ओवरलोड वाहन अक्सर तेज रफ्तार में शहर के अंदर प्रवेश कर जाते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। खासकर स्कूल, बाजार और भीड़भाड़ वाले इलाकों में इन वाहनों की मौजूदगी लोगों के लिए चिंता का कारण बनी हुई है।ट्रैफिक पुलिस पर उठे सवाललोगों का आरोप है कि यातायात नियमों के उल्लंघन के बावजूद ट्रैफिक पुलिस प्रभावी कार्रवाई करने में विफल साबित हो रही है। मुख्य मार्गों और चौराहों पर पुलिसकर्मियों की मौजूदगी के बावजूद प्रतिबंधित वाहनों की आवाजाही जारी है।स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार अधिकारियों द्वारा सख्त निर्देश जारी किए जाते हैं, लेकिन उनका पालन जमीन पर दिखाई नहीं देता। परिणामस्वरूप यातायात व्यवस्था बिगड़ती जा रही है और सड़क हादसों का खतरा लगातार बढ़ रहा है।आए दिन हो रहे हादसेक्षेत्रीय नागरिकों के अनुसार बागपत और बड़ौत क्षेत्र में सड़क दुर्घटनाओं की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। तेज रफ्तार और नियमों की अनदेखी करने वाले वाहन अक्सर दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं।लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने सख्ती नहीं दिखाई तो भविष्य में बड़े हादसे हो सकते हैं। कई स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि हाईवे और शहर के अंदर प्रतिबंधित वाहनों की नियमित जांच कर सख्त कार्रवाई की जाए।प्रशासनिक आदेशों का नहीं हो रहा पालनसूत्रों के अनुसार यातायात व्यवस्था को सुधारने और दुर्घटनाओं पर रोक लगाने के लिए समय-समय पर प्रशासनिक स्तर पर निर्देश जारी किए जाते हैं। इसके बावजूद बड़ौत क्षेत्र में नियमों का पालन प्रभावी तरीके से नहीं कराया जा रहा।लोगों का कहना है कि केवल कागजों में कार्रवाई दिखाने से स्थिति नहीं सुधरेगी। ट्रैफिक पुलिस और प्रशासन को सड़कों पर उतरकर वास्तविक कार्रवाई करनी होगी।स्थानीय लोगों में नाराजगीयातायात नियमों की लगातार अनदेखी से स्थानीय नागरिकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। लोगों ने आरोप लगाया कि नियमों का पालन कराने में जिम्मेदार विभाग गंभीर नजर नहीं आ रहा।स्थानीय व्यापारियों और राहगीरों ने प्रशासन से मांग की है कि शहर के प्रमुख मार्गों और चौराहों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया जाए। साथ ही प्रतिबंधित और ओवरलोड वाहनों पर सख्त कार्रवाई कर सड़क सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।सड़क सुरक्षा को लेकर चिंताविशेषज्ञों का कहना है कि यातायात नियमों का पालन न होने से सड़क हादसों की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। खासकर भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में भारी और प्रतिबंधित वाहनों की आवाजाही बेहद खतरनाक साबित हो सकती है।बागपत के बड़ौत क्षेत्र में सामने आई यह स्थिति एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर रही है कि आखिर सड़क सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी कौन निभाएगा। फिलहाल स्थानीय लोग प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

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