मुजफ्फरनगर | ब्यूरो: कबीर
विश्व रेड क्रॉस दिवस के अवसर पर शुक्रवार को मुजफ्फरनगर में सेवा, करुणा और मानवता को समर्पित कार्यक्रम का आयोजन किया गया। “मानवता में एकता/मानवता को जीवित रखना” थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम में समाज सेवा से जुड़ी महिलाओं को सम्मानित कर उनके योगदान की सराहना की गई।कार्यक्रम का आयोजन इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी, मुजफ्फरनगर के अध्यक्ष एवं जिलाधिकारी उमेश मिश्रा के निर्देशन में किया गया। कार्यक्रम के दौरान अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस आंदोलन के संस्थापक सर जीन हेनरी ड्यूनेंट को पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धापूर्वक नमन किया गया।जीबीवी नगर क्षेत्र में आयोजित कार्यशाला में मानवता, सेवा और सामाजिक एकजुटता जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि आज के समय में मानवता को जीवित रखना सबसे बड़ी आवश्यकता है और रेड क्रॉस जैसी संस्थाएं समाज में संवेदनशीलता और सहयोग की भावना को मजबूत कर रही हैं।कार्यक्रम में डॉ. राजीव कुमार ने उपस्थित छात्राओं और लोगों को विश्व रेड क्रॉस दिवस के इतिहास, उद्देश्य और इसके सात मूल सिद्धांतों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रेड क्रॉस विश्वभर में युद्ध, आपदा और संकट की परिस्थितियों में बिना किसी भेदभाव के मानव सेवा का कार्य करता है।इस अवसर पर समाज सेवा और मानवता के क्षेत्र में सक्रिय आठ महिलाओं — दीपाली कौशिक, विनोद चौहान, प्रेमबाला, रजनी तनेजा, सोनिया सिंह, रुचि शर्मा, शिल्पा और पूनम — को सम्मानित किया गया। सम्मानित महिलाओं ने इसे समाज सेवा के प्रति अपने दायित्व और प्रेरणा का सम्मान बताया।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारी कुसुम वर्मा मौजूद रहीं, जबकि अध्यक्षता वरिष्ठ समाजसेवी होतीलाल शर्मा ने की।वक्ताओं ने कहा कि मानवता की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है और समाज तभी मजबूत बन सकता है जब लोग एक-दूसरे के दुख-दर्द में सहभागी बनें।कार्यक्रम के अंत में रेड क्रॉस के सात मूल सिद्धांत — मानवता, निष्पक्षता, तटस्थता, स्वतंत्रता, स्वैच्छिक सेवा, एकता और सार्वभौमिकता — को अपनाने का आह्वान किया गया।
