मुजफ्फरनगर | ब्यूरो: कबीर
मुजफ्फरनगर में बढ़ते अपराधों और लंबित गंभीर मुकदमों को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस अब सख्त रुख अपनाने की तैयारी में है। शुक्रवार को जिलाधिकारी उमेश मिश्रा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने अभियोजन अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई और दोषसिद्धि बढ़ाने को लेकर अहम निर्देश दिए।कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में महिला अपराध, पॉक्सो एक्ट, गैंगस्टर, हत्या, लूट, डकैती और संगठित अपराध से जुड़े मामलों की विस्तार से समीक्षा की गई। अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि गंभीर मामलों में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और अपराधियों को समयबद्ध तरीके से सजा दिलाने के लिए हर स्तर पर मजबूती से पैरवी की जाएगी।बैठक में एडीजीसी, डीजीसी समेत अभियोजन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। वहीं पुलिस विभाग की ओर से एसपी सिटी, एसपी क्राइम, सहायक पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारी नगर और संबंधित थाना प्रभारियों ने हिस्सा लिया।जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने अभियोजन अधिकारियों को निर्देश दिए कि न्यायालयों में लंबित मामलों की लगातार मॉनिटरिंग की जाए और गवाहों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित कराई जाए। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकता अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई है और इसमें किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने विवेचकों और अभियोजन अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर देते हुए कहा कि विवेचना के दौरान साक्ष्यों का मजबूत और गुणवत्तापूर्ण संकलन बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि मजबूत साक्ष्य ही अदालत में अपराधियों को सजा दिलाने का सबसे बड़ा आधार बनते हैं।बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि विवेचना स्तर से ही अभियोजन अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर मुकदमों को और मजबूत किया जाएगा। साथ ही अदालत में प्रस्तुत किए जाने वाले गवाहों और दस्तावेजों की तैयारी भी समयबद्ध तरीके से की जाएगी।अधिकारियों का मानना है कि पुलिस और अभियोजन विभाग के बेहतर तालमेल से न केवल दोषसिद्धि दर बढ़ेगी बल्कि अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने में भी मदद मिलेगी।
